कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमितों को सांस लेने में दिक्कत होने पर जिला प्रशासन उन तक भी ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) उन तक ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाएगी। इसके लिए छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करने के साथ ही आरआरटी की संख्या भी 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है।
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coronavirus
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण की वजह से होम आइसोलेशन में रह रहे कई मरीजों को सांस की दिक्कत बढ़ रही है, मगर अस्पतालों में बेड नहीं मिलने की वजह से वे लाचार हैं। ऑक्सीजन के लिए प्रशासनिक अफसरों, कोविड कंट्रोल सेंटर और ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियों के चक्कर लगा रहे हैं। इन मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन करीब सात हजार छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम कर रहा है।
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ऑक्सीजन सिलेंडर (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
यह सुविधा देने के लिए आरआरटी की मदद लेने का निर्णय किया गया है। यह टीम मरीजों के घर पर उनका हाल जानने के साथ ही ऐसे लोगों की पहचान भी करेगी, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। ऐसे लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराया जाएगा। मरीज के पूरी तरह से ठीक होने के बाद सिलिंडर जमा करा लिया जाएगा।
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ऑक्सीजन सिलिंडर।
- फोटो : amar ujala
डॉक्टर की पर्ची के साथ भरवा सकेंगे सिलिंडर
यदि व्यक्तिगत रूप से किसी के पास ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद है और वह उसे रिफिल कराना चाहता है तो डॉक्टर की पर्ची के साथ गीडा स्थित ऑक्सीजन प्लांट से रिफिल करवा सकता है। प्रशासन ऐसे लोगों के लिए भविष्य में कचहरी क्लब से भी ऑक्सीजन वितरण की व्यवस्था करने की तैयारी में है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को भी जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए आरआरटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। छोटे ऑक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था की जा रही है। जिसको भी ऑक्सीजन की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा। पास में खाली सिलिंडर होने पर डॉक्टर की पर्ची और आधार कार्ड दिखाकर भी लोग ऑक्सीजन उत्पादन इकाई से उसे भरवा सकेंगे।