घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
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जानकारी के मुताबिक, तीन जुलाई 2018 को एसटीएफ ने संतोष के दफ्तर से थोड़ी दूरी पर स्थित ग्लोबल बेल्डिंग ट्रेनिंग एवं टेस्ट सेंटर पर छापेमारी कर आठ लोगों को पकड़ा था। तब भी विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी की पुष्टि हुई थी। उस समय भी संतोष का नाम सामने आया था, लेकिन पुलिस के दस्तावेजों में जांच को दबा दिया गया और धंधा फिर फलने-फूलने लगा। अब जब कि पुलिस पर लूट का दाग लगा तो वह पूरी कुंडली खंगालने लगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में पुलिस के पास पर्याप्त सुबूत हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर बड़े गिरोह का पर्दाफाश होना तय माना जा रहा है।