शहर के पुर्दिलपुर निवासी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव हर दिन 200 गरीबों को निशुल्क भोजन कराते हैं। साथ ही हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल में 60 कैंसर मरीजों को न्यूट्रीशियन पैकेट उपलब्ध कराने का भी बीड़ा उन्होंने उठा रखा है। उन्हें इस सेवा भाव की प्रेरणा पिता श्याम बिहारी श्रीवास्तव और माता स्वर्गीय अन्नपूर्णा श्रीवास्तव से मिली। दोनों ही शिक्षक थे। दोनों ने ही प्रवीण को सिखाया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। इसको ही आत्मसात कर प्रवीण ने यह पुनीत काम शुरू किया।
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मरीजों के लिए पैकेट तैयार करते प्रवीण।
- फोटो : अमर उजाला
प्रवीण ने बताया कि माता-पिता के सेवा भाव से प्रेरणा लेकर उन्होंने 2015 में अक्षय नवमी के दिन अपने आवास पर सहभोज का आयोजन किया था। इसमें समाज के सभी वर्गों के लगभग दो हजार लोग शामिल हुए। इसके बाद यह क्रम रोजाना में तब्दील हो गया। सप्ताह में एक दिन रविवार को छोड़ शेष सभी दिन 200 लोगों को निशुल्क भोजन कराना एवं सोमवार से शुक्रवार तक हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल के मरीजों में न्यूट्रीशियन पैकट का वितरण उनके जीवन का हिस्सा बन चुका है।
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बुजुर्ग को पानी देती बच्ची।
- फोटो : अमर उजाला
इस काम में उनके दो सहयोगी अजय कुमार और प्रद्युमभन पूरी तन्मयता के साथ लगे रहते हैं। सुबह पहले मरीजों के लिए पैकेट तैयार किए जाते हैं फिर शाम को शहर के विभिन्न स्थलों पर बंटने वाले निशुल्क भोजन तैयारी शुरू हो जाती है। तीन कुक मिलकर प्रवीण के घर पर ही खाना तैयार करते हैं। फिर इसे पैक पर प्रवीण उसे बांटने निकल पड़ते हैं।
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गरीबों में भोजन बांटते प्रवीण।
- फोटो : अमर उजाला
अन्य सेवाएं भी करते हैं प्रवीण
इतना ही नहीं, प्रवीण हर वर्ष खिचड़ी, बुढ़वा मंगल एवं अक्षय नवमी केे दिन सहभोग का आयोजन करते हैं। साथ ही वह बुजुर्गों, कुष्ठ रोगियों, दिव्यांग बच्चों आदि को विभिन्न माध्यमों से समय-समय पर अपनी ओर से सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
एम्स में भी सेवा
प्रवीण ने बताया कि वह एम्स में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन की सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। जिला महिला चिकित्सालय में पहले से ही भोजन की सेवा दे रहे हैं।
सभी के सहयोग से होता है सेवा कार्य
प्रवीण बताते हैं कि उनके इस मानव सेवा के कार्य में उन्हें जन जन का सहयोग मिलता है। यह संख्या सैकड़ों में है। जो हर दिन विभिन्न माध्यमों से उन तक आवश्यक सहयोग पहुंचाते हैं।