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- फोटो : अमर उजाला।
आयुष विश्वविद्यालय के शिलान्यास के साथ गोरखपुर चिकित्सा की हर पद्धति के इलाज सुविधा वाला पूर्वांचल हीं नहीं, प्रदेश का पहला जिला बन गया है। एम्स में जहां आधुनिक एलोपैथी चिकित्सा और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, आयुष विश्वविद्यालय में आयुर्वेद, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा, सिद्धा, होम्योपैथी और योग पद्धति से इलाज की सुविधा है। महर्षि पांचवें वेद के रूप में प्रसिद्ध आयुर्वेद की शिक्षा के साथ ही ऋषि पतंजलि, वाग्भट्, धनवंतरि जैसे आयुर्वेदाचार्यों की पद्धति से असाध्य बीमारियों का भी इलाज होगा। इन बड़ी चिकित्सा संस्थाओं के साथ बड़े निजी अस्पतालों के कारण गोरखपुर चिकित्सा पर्यटन का हब बन चुका है।