निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या मामले में एकमात्र गवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने मांग संबंधी अर्जी सोमवार को अदालत ने खारिज कर दी। निर्भय के मूलरूप से गोरखपुर के रहने वाले दोस्त और केस के एकलौते गवाह अवनींद्र पर कुछ गंभीर आरोप थे जिसके चलते दोषी पवन गुप्ता के पिता हीरालाल गुप्ता उस पर मुकदमा दर्ज करना चाहते थे।
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निर्भया का दोषी पवन गुप्ता
- फोटो : सोशल मीडिया
मामले में दोषी पवन गुप्ता के पिता हीरालाल गुप्ता ने अर्जी दायर कर आरोप लगाया था कि निर्भया के दोस्त व मामले में एकमात्र गवाह ने पैसे लेकर मीडिया चैनलों को साक्षात्कार दिए जिससे मामले की जांच प्रभावित हुई। पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी सुधीर कुमार सिरोही ने सुनवाई करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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निर्भया के दोषी
- फोटो : अमर उजाला
दंडाधिकारी सुधीर कुमार सिरोही ने कहा कि याचिका में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि मामले की जांच प्रभावित हुई। इसलिए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। कोर्ट के समक्ष हीरालाल गुप्ता के वकील एपी सिंह ने कहा कि युवक के साक्षात्कारों से प्रतीत होता है कि वह दोषियों को फांसी पर लटका देखना चाहता है।
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इसी बस में हुई थी हैवानियत
- फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2012 में एक छात्रा और उसका एक दोस्त एक बस में सवार हुए थे। उस बस में छात्रा से छह लोगों ने दुष्कर्म को अंजाम दिया था। दोषियों ने पीड़िता और उसके दोस्त को चलती बस से नीचे फेंक दिया था। इसके बाद छात्रा की सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में अदालत ने चार लोगों अक्षय, विनय, पवन और मुकेश को दोषी ठहराया था, जबकि मामले में एक अन्य आरोपी ने दोषी साबित होने से पहले ही खुदकुशी कर ली थी। छठा आरोपी नाबालिग था, जिसे बाल सुधार गृह में सजा पूरी करने पर छोड़ दिया गया।
निर्भया में दोषियों की फांसी का रास्ता साफ
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि निर्भया कांड का अभियुक्त पवन गुप्ता बस्ती जिले के जगन्नाथपुर का निवासी है। उसके परिवार के लोग तो दिल्ली के आरकेपुरम रविदास कैंप में रहते हैं, लेकिन यहां के लोग इन दिनों फांसी की चर्चा सुनकर सहम से गए हैं। 16 दिसंबर 2012 को जब चलती बस में छात्रा के साथ गैंगरेप हुआ, जब पवन गुप्ता उर्फ कालू भी अपने दोस्तों के साथ उसी बस में था। उसकी हरकत पर आज भी गांव के लोगों को यकीन नहीं होता। पवन के डेथ आर्डर जारी होने पर गांववासी एकसुर में बोले-अच्छा हुआ, ये पहले ही होना चाहिए था।