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दहशत: 12 दिन में एक ही गांव से उठीं नौ अर्थियां, घर से बाहर निकलने से भी डर रहे लोग

Mon, 10 May 2021 12:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच इलाके के लुहसी गांव में 12 दिन के भीतर चचेरे भाइयों समेत नौ लोगों की अर्थियां उठने से पूरा गांव दहशत में है। हालात यह है कि डर की वजह से लोग अब घर से बाहर भी नहीं निकल रहे है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। यह मौत क्यों और कैसे हुई यह जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। इतना जरूर है कि कोरोना के कहर को लेकर ग्रामीण सहमे हैं। जानकारी के मुताबिक, लुहसी गांव में पूर्व भाजपा विधायक लल्लन के पुत्र अविनाश (50) की मौत हुई थी। लोग इस सदमे से उबर पाते कि चचेरे भाई शैलेंद्र (50) की भी मौत हो गई। गांव वालों की माने तो गांव के कन्हैया (47), बिंदु यादव (52), आशिक अली (68), भल्लन यादव (70), अविनाश तिवारी (50),  सना खातून (20) पतिया देवी (65), लवजारी (60) की मौत हो चुकी है। अविनाश और शैलेंद्र की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है लेकिन गांव वालों को कोरोना से ही मौत की आशंका है।

बड़हलगंज में सप्ताह भीतर दस की मौत
बड़हलगंज क्षेत्र के बैरियाखास में सप्ताह भीतर दस लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कोविड टेस्ट में तेजी लाने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक बैरिया खास गांव में एक सप्ताह के भीतर छविलाल, मुक्सुत, भामी देवी, कैलाशी देवी, बालकिशुन, बालकुंवर, देवाजीत, नंदलाल, इसरावती व अवतारी देवी की कोरोना से मौत हो गई है। एक ही गांव में इतनी संख्या में हुई मौत से ग्रामीण दहशत में हैं। बैरियाखास के ग्राम प्रधान बैरिस्टर यादव ने जिलाधिकारी से दूरभाष पर गांव में कोविड टेस्ट कराने की मांग की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
एक ही परिवार में चार की मौत
व्यापार मंडल पिपराइच के संरक्षक गोपाल विश्वकर्मा (68) की रविवार को मौत हो गई। वे कोरोना से संक्रमित थे। नौ दिन के भीतर परिवार के तीन अन्य भी कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए थे। एक ही परिवार के लोगों की मौत से नगर में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार गोपाल विश्वकर्मा के छोटे भाई 58 वर्षीय गुलाब विश्वकर्मा का 28 अप्रैल तथा उनके बड़े बेटे 46 वर्षीय राजू विश्वकर्मा की मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में मौत हो गई थी। यह सुनकर गोपाल विश्वकर्मा सदमे में आ गए थे। उनको गोरखपुर में भर्ती कराया गया था। इस बीच शनिवार को उनके भतीजे 36 वर्षीय दीपक विश्वकर्मा की मौत की खबर मिलते उनकी तबीयत बिगड़ गई और रविवार को उनकी भी मौत हो गई। एक ही परिवार में चार लोगों की मौत से लोग दुखी हैं।
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला।
बीते बीस दिनों के अंदर ब्रम्हपुर गांव में कोरोना छह लोगों की मौत
ग्राम पंचायत ब्रम्हपुर में बीते 20 दिनों के अंदर छह लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। इसको लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल है। बीते 22 अप्रैल को ब्रह्मपुर निवासी सर्वेश द्विवेदी (28) की कोरोना से मौत हो गई थी। उनके पिता रामानुज दुबे का 24 अप्रैल रविवार की रात निधन हो गया। 48 घंटे के अंदर परिवार के दो सदस्य दुनिया को छोड़ कर चले गए। 40 वर्षीय बड़ा बेटा भी कोरोना संक्रमित था, जो नंदानगर टीबी अस्पताल में भर्ती था, उसकी भी 2 मई को मौत हो गई। इससे पूर्व ब्रह्मपुर की शीला शर्मा एक मई को चल बसीं। जंठ मिस्त्री के पुत्र की 4 मई को कोरोना से मौत हो गई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
कोरोना से संक्रमित पिता ने भी दम तोड़ा
बेलीपार थाना क्षेत्र के मझिगावा निवासी कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत के बाद रविवार को कोरोना पीड़ित पिता ने भी दम तोड़ दिया, जिससे पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है। मझिगावा निवासी दीप नारायण शुक्ल (36) की तबीयत अचानक खराब हो गई।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
पारिवार के सदस्य शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां अगले ही दिन युवक ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत का पता जब पिता को चला वह भी सदमे में आ गए और उनका भी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच में कोरोना संक्रमित मिले। बेटे की मौत के पांच दिन बाद पिता गजेन्द्र नाथ शुक्ल (65) ने भी दम तोड़ दिया।
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