उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच इलाके के लुहसी गांव में 12 दिन के भीतर चचेरे भाइयों समेत नौ लोगों की अर्थियां उठने से पूरा गांव दहशत में है। हालात यह है कि डर की वजह से लोग अब घर से बाहर भी नहीं निकल रहे है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। यह मौत क्यों और कैसे हुई यह जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। इतना जरूर है कि कोरोना के कहर को लेकर ग्रामीण सहमे हैं। जानकारी के मुताबिक, लुहसी गांव में पूर्व भाजपा विधायक लल्लन के पुत्र अविनाश (50) की मौत हुई थी। लोग इस सदमे से उबर पाते कि चचेरे भाई शैलेंद्र (50) की भी मौत हो गई। गांव वालों की माने तो गांव के कन्हैया (47), बिंदु यादव (52), आशिक अली (68), भल्लन यादव (70), अविनाश तिवारी (50), सना खातून (20) पतिया देवी (65), लवजारी (60) की मौत हो चुकी है। अविनाश और शैलेंद्र की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है लेकिन गांव वालों को कोरोना से ही मौत की आशंका है।
बड़हलगंज में सप्ताह भीतर दस की मौत
बड़हलगंज क्षेत्र के बैरियाखास में सप्ताह भीतर दस लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कोविड टेस्ट में तेजी लाने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक बैरिया खास गांव में एक सप्ताह के भीतर छविलाल, मुक्सुत, भामी देवी, कैलाशी देवी, बालकिशुन, बालकुंवर, देवाजीत, नंदलाल, इसरावती व अवतारी देवी की कोरोना से मौत हो गई है। एक ही गांव में इतनी संख्या में हुई मौत से ग्रामीण दहशत में हैं। बैरियाखास के ग्राम प्रधान बैरिस्टर यादव ने जिलाधिकारी से दूरभाष पर गांव में कोविड टेस्ट कराने की मांग की है।