कोरोना वायरस की दूसरी लहर विशेषज्ञों के लिए अबूझ पहेली बनती जा रही है। लक्षण के बाद भी लोग एंटीजन किट और आरटीपीसीआर की जांच में पॉजिटिव नहीं आ रहे हैं जबकि बिना लक्षण वाले लोग दोनों जांच में पॉजिटिव निकले रहे हैं। यही वजह है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने कोविड सस्पेक्टेड वार्ड बना दिया है। इसमें करीब 40 से अधिक मरीज हैं जिनका कोविड की तर्ज पर इलाज चल रहा है।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTi
जानकारी के मुताबिक गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। एक्टिव केस के आंकड़े दो हजार के आसपास पहुंच गए हैं। यही वजह है कि लोग अब जांच के लिए आगे आने लगे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड लक्षणों के आधार पर जांच कराने गए लोगों की एंटीजन और आरटीपीसीआर से रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डॉक्टर बेहद चिंतित हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
ऐसे लोगों में कोविड के सभी लक्षण मौजूद हैं। इसके बाद रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। जबकि ऐसे मरीजों के फेफड़ों में संक्रमण साफ दिख रहा है। फेफड़ों में सफेद पैच बन रहे हैं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ भी है। साथ ही ऑक्सीजन लेवल भी लगातार नीचे गिर रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या बीआरडी में करीब 40 से अधिक है जबकि निजी अस्पतालों की बात करें तो फातिमा में दो और पनेशिया में करीब 10 मरीज इस तरह के भर्ती हैं।
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डॉ. अश्विनी मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी मिश्रा ने बताया कि दूसरी लहर बेहद खतरनाक है। इसमें कई लक्षण नए हैं। बीआरडी के सस्पेक्टेड कोविड वार्ड में कई ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनकी एंटीजन और आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है। लेकिन उनके अंदर कोविड का संक्रमण है। ऐसे मरीजों का इलाज कोविड की तर्ज पर किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों को सलाह दी जा रही है कि लक्षण के आते ही जांच कराएं। सही समय पर जांच होगी तो वायरस का पता भी चलेगा।
बिना लक्षण वाले निकल रहे पॉजिटिव
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल में हो रही कोविड जांच में कई ऐसे मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं, जिनके अंदर कोविड के कोई लक्षण नहीं है। इसके बाद भी वह जांच में पॉजिटिव निकल रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या प्रतिदिन 10 से 15 के बीच है। यही वजह है कि विभाग अब लोगों को आगाह कर रहा है कि वे सतर्क रहें और कोविड प्रोटोकाल का पालन करें।