नेपाल में संसद सभा भंग कर चुनाव में जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ नेपाल की प्रमुख राजनीतिक विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस और जनता समाजवादी पार्टी सहित कई राजनैतिक दल हैं। इन रानीतिक दलों के साथ नेपाल की जनता ने विरोध तेज कर दिया है।
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नेपाल में प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला।
शनिवार को जनता समाजवादी पार्टी नेपाल ने (प्रतिनिधि सभा) संसद सभा के विघटन के खिलाफ छह अलग-अलग जिलों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया। नेपाली कांग्रेस ने 787 ग्राम सभा में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
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नेपाल में प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (सीपीएन) प्रचंड-माधव समूह, नेपाली कांग्रेस, जनता समाजवादी पार्टी और अन्य दल वर्तमान में आंदोलन कर रहे हैं। जसपा नेपाल ने 10 जनवरी से आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया है।
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नेपाल में प्रदर्शन।
- फोटो : अमर उजाला।
आंदोलन के दूसरे चरण में रूपनदेही, नवलपरासी, सुनसरी के धरन, सरलाही के मलगामवा, सिरहा, बारा की कलाइया, कपिलवस्तु व रौतहट, तोलहवा में विरोध प्रदर्शन हुआ। जसपा नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव और रूपनदेही जिला अध्यक्ष अजय वर्मा ने कहा कि जन आंदोलन के माध्यम से विरोध किया जा रहा है।
इन्हें मिली आंदोलन के लिए जिम्मेदारी
जेएसपी नेपाल के वरिष्ठ नेता अशोक राय, कार्यकारिणी सदस्य राकाम चेमांग, परशुराम खापुंग, युवराज कार्की, परशुराम बसनेट, मालगंवा के लिए वरिष्ठ नेता राजेंद्र महतो, कार्यकारिणी के लिए महेंद्र यादव, उमाकांत झा, चंदा चौधरी, राम नरेश, रेणु कुमारी सिरा, प्रकाश अधिकारी, विजय यादव, राजकिशोर यादव, कलैया के कार्यकारी सदस्य जितेंद्र सोनल, राम सहाय प्रसाद यादव, चंदा चौधरी, रमेश यादव, गंगनारायण श्रेष्ठ, तोलहवा के कार्यकारी सदस्य मृगेन्द्र सिंह यादव, एकवाल अहमद शाह, अमृता अग्रहरी, केशव झा राहा, कार्यकारी सदस्य अनिल झा, हसीला यामी, राजकुमार लेखी, गोविंद चौधरी और सुशीला श्रेष्ठ को जिम्मेदारी सौपीर गई है। यह सभी नेता नेपाल के अलग अलग हिस्सो में जनता के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।