मिशन 2024
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मोदी लहर में भी नहीं मिली थी जीत
प्रधानमंत्री के प्रत्याशी के रूप में नरेंद्र मोदी ने 2014 का चुनाव लड़ा था। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में मोदी की लहर थी, फिर भी आजमगढ़ में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। तब इस सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव जीते थे। ठीक इसी तरह का नतीजा 2019 के चुनाव में आया था। हालांकि, तब बसपा और सपा के बीच गठबंधन था। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव संयुक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे। लिहाजा, भाजपा नेता जीत को लेकर संशय में थे। सब कह रहे थे कि उपचुनाव में कांटे की टक्कर होगी, लेकिन जीत जाएंगे, यह भरोसे से कोई नहीं कह पा रहा था।
अब 11 लोकसभा क्षेत्रों में जीत
2014 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर क्षेत्र से भाजपा को 13 में से 12 सीटें मिली थीं, लेकिन यह आंकड़ा 2019 के चुनाव में गड़बड़ा गया था। आजमगढ़, लालगंज और घोसी (मऊ) में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। बलिया सीट भाजपा के पास आई थी। देखा जाए तो 13 में से 10 सीटें भाजपा ने जीती थीं। अब आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जीत मिली है। लिहाजा, गोरखपुर क्षेत्र की 11 सीटें भाजपा के पास आ गई हैं।