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- फोटो : अमर उजाला।
हिमाली समृद्धि मंच के कार्यक्रम समन्वयक रमेश राय ने कहा कि संगठन लाल पांडा क्षेत्र में काम कर रहा है, जहां पाथिभरा क्षेत्र में 80 हेक्टेयर जंगल के भीतर ब्लॉक में लाल पांडा निवास करते हैं। यह अनुमान लगाना संभव नहीं है कि आग लगने से कितने लाल पांडा दूसरी जगह जाने में कामयाब रहे या कितने मारे गए। आग की वजह से पाथिभरा इलाके का फवाखोला जंगल और सांची क्षेत्र का जंगल भी जल गया है।