शहीद पंकज त्रिपाठी अपनी पत्नी व बच्चे के साथ। (File)
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अब त याद के सहारे कटत बा जिंदगी
शहीद की मां सुशीला देवी ने कहा, ‘बेटा देश के खातिर शहीद हो गईले, ये बात के हमेशा गर्व रही, लेकिन उनकर याद दिल से कभी ना जाई। अम्मा हईं जेकरा के नौ महीना कोख में पलली, पाल-पोस के बड़ कईली ओकरा के कईसे भुला जाई। उनकर याद त जिंदगी के साथ जाई।’
बेटे की शहादत पर गर्व
पिता ओमप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है। घर के अंदर उनकी तस्वीर लगी है। उनको मिला स्मृति चिन्ह, मोमेंटो को सजोकर रखा गया है। बेटे को खोने का गम भी है और वह हमेशा रहेगा।