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सावधान: पोस्ट कोविड में हो रही दिक्कतें ले रहीं जान, 10 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत

Sat, 19 Jun 2021 10:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई
कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को लगा राहत मिल गई है। लेकिन संक्रमण से मुक्ति के बाद पोस्ट कोविड परेशानियां मरीजों की जान ले रही हैं। संक्रमण से मुक्त होने के बाद सात लोग केवल ब्लैक फंगस का शिकार हुए और उनकी मौत हो गई। हालांकि इनमें केवल एक मौत शहर के एक निजी अस्पताल में हुई। अन्य सभी छह मौतें लखनऊ के अलग-अलग निजी अस्पतालों और सरकारी अस्पतालों में हुई है। अब तक जहां कोविड से मरीजों की जान जा रही थी। वही पोस्ट कोविड मरीजों की मौत ने थोड़ी मुसीबतें बढ़ाई है। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण से मुक्त होने के बाद कम से एक से डेढ़ माह लोग विशेष ख्याल रखें। खासकर 50 वर्ष के ऊपर के लोग ज्यादा ध्यान दें।

दूसरी लहर में ज्यादा फेफड़ों का ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा वायरस
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि पहली लहर की तुलना में कोरोना वायरस का असर दूसरी लहर में ज्यादा है। इस बार वायरस महज 12 से 24 घंटे के अंदर ही फेफड़ों तक पहुंच जा रहा है। 70 प्रतिशत मरीज ठीक होने के बाद भी फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं।
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कोरोना जांच - फोटो : पीटीआई
कहा कि ऐसे मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वह डॉक्टर के संपर्क में बने रहें। सांस लेने में तकलीफ होती है, तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। क्योंकि पोस्ट कोविड का लक्षण एक से डेढ़ माह तक रहता है।
 
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
ऑक्सीजन लेवल कम हुआ, हो गई मौत
रामजानकी नगर के निवासी 62 वर्षीय राम कुमार मई के अंतिम सप्ताह में कोविड से मुक्त हो गए थे। बीआरडी से लौटकर घर आ गए। लेकिन जून के पहले सप्ताह में अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। ऑक्सीजन का स्तर कम होने पर परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आने लगे। लेकिन उनकी मौत हो गई।
 

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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
फेफड़े का संक्रमण नहीं हुआ ठीक चली गई जान
10 नंबर बोरिंग निवासी 56 वर्षीय कौशिल्या 28 मई को कोरोना से ठीक होकर घर गई। परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस बीच आठ जून को उनकी तबीयत फिर से खराब हुई। परिजन फिर छात्र संघ चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आए। डॉक्टरों ने बताया कि फेफड़े का संक्रमण ज्यादा गंभीर हो गया। उसी दिन उनकी मौत हो गई।

 
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पीपीई कीट पहनकर दाह संस्कार करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है। ठीक होने के एक से डेढ़ माह तक विशेष ख्याल रखें। जरा सी दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि ठीक होने के बाद भी तमाम बीमारियां लोगों में देखने को मिल रही है। इनमें सबसे बड़ी बीमारी ब्लैक फंगस है। अच्छी बात यह है कि बीआरडी में अब तक ब्लैक फंगस से एक भी मरीज की जान नहीं गई है।
 
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