कोरोना वायरस से जंग में सहयोग करने के लिए जिला प्रशासन, उद्योगपति, अधिकारी, शिक्षक, कलाकार एक साथ कदमताल कर रहे हैं तो छोटे-छोटे बच्चों तक ने अपनी गुल्लक तोड़ दी। सबकी बस एक मंशा कि कोरोना से लड़ाई में पैसे की कमी न होने पाए। लॉकडाउन की अवधि में जिला प्रशासन के स्लोगन- 'एक भी जरूरतमंद भूखा नहीं सोएगा', को अमली जामा पहनाने में हर कोई अपनी हैसियत से बढ़कर योगदान कर रहा है।
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नकद के अलावा खाद्यान्न सामग्री, मास्क, गमछे आदि भी बड़ी संख्या में जरूरतमंदों में वितरित किए गए। इसके अलावा करीब 1.80 लाख रुपये रायफल क्लब फंड में जमा कर दानवीरों ने जिला प्रशासन की मदद की है। ये तो मदद के वो आंकड़े हैं जो जिला प्रशासन के मार्फत प्रदेश और केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
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सीएम केयर फंड में दान देने वाले कुछ दानवीर
आईजीएल सहजनवां: दो करोड़ रुपये, नगर आयुक्त: 6.31 लाख, श्याम बिहारी अग्रवाल, विकास भारती स्कूल: 21 लाख, स्कूल एसोशिएशन ऑफ गोरखपुर- 5 लाख, कैथोलिक डायसिस एजूकेशन सोसाइटी: 5 लाख, लिटिल फ्लावर मिशन एजुकेशन: 5 लाख, पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति: 3 लाख, कैथोलिक डासिस ऑफ गोरखपुर: 3 लाख, मानव कल्याण सेवा समिति: 2.51 लाख,
ईंट निर्माता संघ: 2.50 लाख, पुष्प दंत जैन, जैन समाज :1.82 लाख, पंजाबी समाज: 2 लाख, साकेत नगर हाउंसिंग सोसाइटी: 1.10 लाख, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल: 1 लाख, एनएफआईएफडब्लूआई: 2.50 लाख, विंध्यवासिनी ट्रेडर्स: 1.51 लाख, रोटरी कल्ब: 1.25 लाख, डॉ गोपाल प्रसाद, डीडीयू गोरखपुर: 75 हजार, स्नेहिल नारी संस्थान महावीर पुरम: 51 हजार, सुनीता शाही, उनवल स्टेट : 51 हजार, रामचंद्र गुप्ता: 50 हजार, अशोक कुमार सिंह, कामिनी कंस्ट्रक्शन ने 51 हजार रुपये दिए।
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पीएम केयर फंड में दान देने वाले कुछ दानवीर
ईंट निर्माता संघ: 2.50 लाख
संजय सिंह: 50 हजार
रायफल क्लब में दान देने वाले कुछ दानवीर
नीतू चन्द, चिलवां: 1 लाख
जायसवाल विकास समिति: 52 हजार
मनोज कुमार, वार्ड नंबर 11, गोला: 21 हजार
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जनप्रतिनिधियों विनय शंकर त्रिपाठी, विपिन सिंह, शीतल पाण्डेय, संत प्रसाद खजनी, डॉ विमलेश पासवान, महेंद्र पाल सिंह, संगीता यादव, फतेह बहादुर सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, सीपी चन्द ने एक करोड़ 90 लाख रुपये अपनी निधि से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के कोष में दान किए हैं।
गैलेंट समूह: एक करोड़ की सहायता
गैलेंट समूह ने कोरोना संकट से निपटने के लिए एक करोड़ रुपये खर्च करने का एलान किया। प्रबंध निदेशक चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 50 लाख रुपये जमा कराए हैं। 25 लाख रुपये गोशाला की देखरेख, गायों के चारा पर खर्च किया जा रहा है।
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सेवा भारती: एक लाख पैकेट राशन बांटा
आरएसएस के सेवा प्रकल्प सेवा भारती ने मदद की बड़ी मुहिम छेड़ी है। प्रांत अध्यक्ष डॉ महेंद्र अग्रवाल के मुताबिक लॉकडाउन के दो चरणों में राशन के एक लाख पैकेट बांटे जाने हैं। आटा, दाल, चावल, सब्जी और तेल का पैकेट एक सप्ताह तक आराम से चलता है। पहले चरण के लॉकडाउन में 40 हजार राशन के पैकेट बांटे गए थे। अब 60 हजार पैकेट और बांटे जाएंगे। इस काम में आरएसएस के स्वयं सेवक भी लगे हैं।
500 परिवारों तक पहुंचाया राशन
जालाना कॉन कास्ट ने भी जरूरतमंदों की मदद की है। कंपनी की ओर से 500 परिवारों को एक साथ राशन का पैकेट उपलब्ध कराया है। पुलिस कर्मियों को मास्क, सैनिटाइजर दिया गया। प्रबंध निदेशक ओम प्रकाश जालान का कहना है कि हर जरूरतमंद की मदद की जा रही है। फैक्ट्री के आसपास रहने वालों को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जा रही है।
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अमृता ने भी की मदद
हेल्पलाइन फाउंडेशन की सचिव अमृता राव भी जरूरतमंदों की मदद में जुटी हैं। अमृता ने अलग-अलग संस्थाओं को एक प्लेटफार्म पर जुटाया, फिर मित्रम जनसेवा केंद्र बनाकर राशन, भोजन पहुंचाने का काम शुरू किया। अमृता अपनी टीम के साथ शुक्रवार को शताब्दी नगर गईं। जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन सबको राशन मुहैया कराया।
कम्युनिटी किचन से अब तक एक लाख खाने के पैकेट बंटे
लॉकडाउन के दौरान सर्वाधिक परेशान, रोजाना कमाने और उसी से खाने की व्यवस्था करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और सड़क किनारे गुजर बसर करने वाले जरूरतमंद ही हैं। इन सभी की मदद के लिए जिला प्रशासन की तरफ से नेपाल क्लब में कम्यूनिटी किचन संचालित कर रहा है। किचन के प्रभारी व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह के मुताबिक यहां से अब तक लाख खाने के पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसके अलावा रोजाना 100 से 150 खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना है कि खाद्य सामग्री के एक पैकेट में एक परिवार के लिए पांच से छह दिन के भोजन का इंतजाम है। इसके बाद जब संबंधित जरूरतमंद को फिर जरूरत पड़ रही तो उसे दोबारा खाद्य सामग्री मुहैया कराई जा रही है। यह किचन पूरी तरह शहर के जागरूक उद्यमियों, व्यापारियों और स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद से संचालित हो रहा है। वितरण का काम और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी प्रशासनिक महकमा निभा रहा है।
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जिला कम्युनिटी किचन के संचालन में इनका अहम योगदान
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह के मुताबिक नेपाल क्लब में स्थित कम्युनिटी किचन के संचालन में मुख्य रुप से गैलेंट समूह, अक्षय पात्र फाउंडेशन, शुद्ध प्लस, मारवाड़ी सेवा समिति, राजेश छापड़िया, कनक हरि अग्रवाल आदि का महत्वपूर्ण सहयोग है। इसके अलावा पार्ले जी की तरफ से एक लाख पैकेट बिस्किट उपलब्ध कराए गए हैं। शहर की आम जनता भी खाद्य सामग्री देकर मदद कर रही है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया- कोरोना से बचाव एवं राहत कार्य में तमाम उद्यमी, व्यापारी, बुद्धिजीवी समेत आम नागरिक भी आर्थिक सहायता के साथ ही खाद्य सामग्री और भोजन के पैकेट के तौर पर मदद कर रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में सभी का यह प्रयास सराहनीय है। आम जनता से मेरी अपील है कि वे लॉकडाउन का पूरी तरह पालन करें। घरों में रहें और खुद के साथ ही अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित रखें। कोई जरूरतमंद भूखा नहीं सोएगा। लोगों के घरों तक सभी जरूरी सामान की आपूर्ति हो रही है जो लॉकडाउन तक अनवरत जारी रहेगी।
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वेतन से 50 लाख रुपये दिए
बिजली कर्मियों, गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों, एमएमएमयूटी के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने वेतन से 5008891 रुपये कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दान किए।
रेलकर्मियों ने दिया एक दिन का वेतन, 47 हजार को कराया भोजन
पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत करीब 52 हजार रेलकर्मियों ने एक-एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक गोरखपुर समेत विभिन्न स्टेशनों पर 47 हजार से ज्यादा जरुरतमंदों को भोजन कराया गया है। इसके अलावा महिला कल्याण संगठन की ओर से भी लंच पैकेट और राशन सामग्री बांटी गई है।
इनका रहा महत्वपूर्ण सहयोग
शुद्ध प्लस, क्रेजी ब्रेड, पारले जी कंपनी, ऑल स्पार्क कैब्स प्राइवेट लिमिटेड, वीएस एनर्जी आटोमेशन प्राइवे लिमिटेड, एसएस प्लास्ट, दीवान पैकेजिंग, सरोवर पोर्टिको, दाना पानी रेस्टोरेंट, मोदी केमिकल्स्, नेपाल क्लब, गायत्री एनजीओ, प्रयास एनजीओ, हम आपके साथ एनजीओबाबा जय गुरुदेव विकास संस्थान,
आवास विकास कॉलोनी समिति दक्षिणी बेतियाहाता, जन जागृति मारवाड़ी सेवा समिति, सहारा इस्टेट, राजेश छापड़िया, मयंक सिंघानिया, दिनेश अग्रवाल, भोलानाथ मौर्या, राजकुमार मिश्रा, डौ. आरए अग्रवालकोट, नगर निगम साकेत नगर हाउसिंग सोसाइटी ने 1.10 लाख, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 3 लाख रुपये की सहायता दी है।