फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी से संवाद के बाद खेत में पसीना बहा रहा ये किसान, बोला- 'बहुत गर्व हो रहा है'

Sat, 26 Dec 2020 04:12 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।

सार


 
विज्ञापन
1 of 6
किसान रामगुलाब। - फोटो : अमर उजाला।
यूपी के महराजगंज जिले के सदर ब्लाक के वनटांगिया गांव बरगदवा राजा के रहने वाले किसान रामगुलाब इन दिनों सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री से आनलाइन संवाद के बाद वह 'विशेष किसान' हो चुके हैं। गांव ही नहीं आसपास के गांव में भी उनकी लोकप्रियता बढ़ गई है।
विज्ञापन

2 of 6
किसान रामगुलाब। - फोटो : अमर उजाला।
शुक्रवार को वह कलेक्ट्रेट परिसर से जाने के बाद गांव में पहुंचे तो परिवार समेत गांव के लोगों ने बधाई देते हुए खुशी जाहिर की। मेहनत पर भरोसा रखने वाले किसान रामगुलाब हर रोज की तरह शनिवार को भी खेतों में पसीना बहाते नजर आए। प्रधानमंत्री द्वारा हौसला बढ़ाने का नतीजा साफ दिखा।
विज्ञापन

3 of 6
किसान रामगुलाब। - फोटो : अमर उजाला।
शनिवार को रामगुलाब अपने घर पर परिवार के साथ बातचीत के बाद सीधे खेत की ओर निकल पड़े। खेत में आलू, मटर, टमाटर एवं गेहूं की फसल अच्छी है। साथ ही शंकरकंद की खेती भी ठीक ढंग से कराए हैं। गांव के तमाम किसानों को साथ लेकर शंकरकंद की खेती को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
 

4 of 6
Maharajganj farmer - फोटो : अमर उजाला।
खेत में काम करने के दौरान रामगुलाब ने बताया कि खेती से मेरी जिंदगी ही बदल गई। इतने छोटे किसान को बड़ा सम्मान मिलना बहुत बड़ी बात होती है। प्रधानमंत्री वन ग्राम का नाम जान गए, यह सभी ग्रामवासियों के लिए फक्र की बात है। पीएम से बात करने के दौरान मिलने वाली खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।

 
विज्ञापन

5 of 6
किसान रामगुलाब। - फोटो : अमर उजाला।
वन ग्राम को मिली पहचान
किसान रामगुलाब की पत्नी धूपा देवी कहती हैं कि प्रधानमंत्री ने वन ग्राम का सम्मान बढ़ाया है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरे परिवार के सदस्य से पीएम मोदी बात करेंगे। जिस खेती को लोग घाटे का सौदा समझते हैं, वहीं खेती मेरे परिवार के लिए वरदान साबित हुई है। आज वन ग्राम को एक नई पहचान मिली है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
किसान रामगुलाब। - फोटो : अमर उजाला।
सबसे पहले अमरनाथ ने प्रकट की खुशी
रामगुलाब ने बताया कि कलेक्ट्रेट से जाने के बाद गांव में सबसे पहले मेरे करीबी अमरनाथ मिले। उन्होंने गले लगाकर बधाई दी। साथ ही उत्साहवर्धन भी किया। घर पर मिलने के लिए शिव, मुन्नी लाल, कोईल और निलेश आए। सभी लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब तो देश में वन ग्राम प्रसिद्ध हो गया। कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले रामगुलाब ने बताया कि बेटियों की शादी हो चुकी है। घर पर बड़ा बेटा मनोज कुमार खेती में हाथ बटाता है। मझला बेटा संजय हैदराबाद में आलमारी बनाने का काम करता है। सबसे छोटा बेटा कृष्ण कुमार महराजगंज में सोफा बनाने का काम करता है। पिता की उपलब्धि पर बेटों ने खुशी जाहिर की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें