फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मदरसा शिक्षक को समय से नहीं मिला मानदेय तो करने लगा चुकंदर की खेती, अब लोग बुलाते हैं 'किसान मास्टर'

Fri, 12 Feb 2021 04:49 PM IST
vivek shukla हेमंत यादव, महराजगंज (नौतनवां)l
विज्ञापन
1 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के महरागंज जिले के राम अवध मौर्य चुकंदर की खेती कर परिवार का भरण पोषण कर अपनी आर्थिक समृद्धि बढ़ाने में लगे हुए हैं। भारत नेपाल का सीमावर्ती गांव रेहरा के रहने वाले राम अवध मौर्य मदरसा में आधुनिक अध्यापक भी हैं। राम अवध समय से मानदेय न मिलने पर आर्थिक रूप से परेशान रहते थे। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चुकंदर की खेती करने का मन बनाया और खेती करना शुरू किया तो समस्या ही दूर हो गई।
विज्ञापन

2 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
राम अवध मौर्य ने बताया कि वर्ष 2016 से चुकंदर की खेती शुरू की। इससे अच्छी खासी आमदनी होती है। खेती से होने वाली आय से परिवार खुशहाल है। उन्होंने बताया कि एमए बीएड तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद 2007 में एक मदरसा में आधुनिक अध्यापक पद पर तैनाती हुई। दो बच्चे कृष्ण देव तथा अस्मिता हैं। पत्नी यशोदा देवी गृहणी हैं।
विज्ञापन

3 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
बेटा कृष्ण देव कक्षा 11 तथा बेटी अस्मिता कक्षा 9 में पढ़ती है। समय से मानदेय न मिलने पर परिवार का भरण पोषण करने में समस्या आने लगी तो आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 45 डिस्मिल खेत में चुकंदर की खेती करना शुरू किया। पहले वर्ष अच्छी आय नहीं हुई तो मन थोड़ा घबराया लेकिन हिम्मत नहीं हारी बल्कि धैर्य रखते हुए कार्य जारी रखा।

4 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
मेहनत का फल मीठा होता है और धर्य से सब काम सही होत है। राम अवध ने मेहनत की और दूसरे वर्ष फसल से अच्छी आय हुई। चुकंदर की खेती से आय कर वह बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ घर की माली हालत सुधारने लगी है। अब गांव के लोग उसे किसान मास्टर बुलाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।
राम अवध मौर्या ने बताया कि चुकंदर की खेती से एक वर्ष की आय लगभग डेढ़ लाख रुपए तक हो जाती है। खेती में लगभग 50 हजार की लागत आती है। खेती में पत्नी यशोदा देवी भी हाथ बंटाती हैं। सब्जी नौतनवां मंडी, रतनपुर, बरगदवां, सेवतरी अड्डा बाजार आदि स्थानीय बाजारों में सब्जियों को भेजा जाता है। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि किसानों की खेती से आय दोगुनी करने के लिए योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। किसान मेले के माध्यम से कृषि संबंधी नवीनतम जानकारी दी जाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें