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पाकिस्तान के 'गोरखनाथ मंदिर' में लगती है श्रद्धालुओं की भारी भीड़, जानिए क्यों 64 साल बंद था ये मंदिर

Fri, 12 Feb 2021 04:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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बाएं गोरखपुर गोरखनाथ मंदिर, दाएं पाकिस्तान का गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर के बारे में तो आप सभी अच्छी तरह से जानते होंगे। यह भी हो सकता है कि इनका दर्शन करने का सौभाग्य भी आपको मिला हो, लेकिन क्या आपने कभी पाकिस्तान के गोरखनाथ मंदिर के दर्शन किए हैं?
 
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पाकिस्तान का गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
जी हां, पाकिस्तान के पेशावर शहर के गोरखत्री क्षेत्र में गुरु गोरखनाथ का मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण 1851 में किया गया था, लेकिन जिस वर्ष देश को आजादी मिली थी, उसी वर्ष 1947 में बंटवारे के बाद से ही मंदिर को बंद कर दिया गया था।

 
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पाकिस्तान का गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
हालांकि इस मंदिर के व्यवस्थापक की पुत्री फूलवती के द्वारा पेशावर हाईकोर्ट में अपील के बाद इसे 2011 में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। तकरीबन छह दशक बाद इस मंदिर में दीपावली के मौके पर खुलने से वहां के हिंदुओं ने मंदिर में पूजा अर्चना कर जश्न मनाया था। अब इस मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने जाते हैं।

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पाकिस्तान का गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ या गोरक्षनाथ महाराज प्रथम शताब्दी के पूर्व नाथ योगी थे। गुरु गोरखनाथ ने पूरे भारत का भ्रमण किया और अनेक ग्रंथों की रचना की। गोरखनाथ का मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित है। गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर पड़ा।
 
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बाबा गोरखनाथ। - फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला बहुत प्रसिद्ध है। यहां पहली खिचड़ी नेपाल के राजा चढ़ाते हैं। इस मेले में शामिल होने के लिए लोग देश-विदेश से लोग आते हैं।
 
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