indo-nepal border
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मधेशी समुदाय के आंदोलन पर नजर डाले तो करीब 20 साल पहले दोहरे व्यवहार को लेकर आंदोलन किया गया था। मधेशी समुदाय को मलाल है कि उनके साथ हर जगह भेदभाव किया गया। चाहे नागरिकता की बात हो या भाषा, पहनावा को लेकर नेपाल में उनकी पहचान नहीं बन पाई। रूपनदेही, नवलपरासी, कपिलवस्तु, दांग, बाके, बर्दिया, कैलाली, बीरगंज, सर्लाही, सुनसरी, मोरंग समेत 22 जिलों में आंदोलन तेज है। मधेशी समुदाय के लोग समय-समय पर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। नेपाल की सदन में 33 सांसद मधेशी हैं, लेकिन उनकी मांगो पर विचार नहीं हो रहा है। राजेन्द्र महतो, महंथ ठाकुर, उपेंद्र यादव, महेंद्र यादव, राजेन्द्र कुमार आदि प्रमुख मधेशी नेता हैं। मधेशी आंदोलन को गति देने के लिए यह सभी नेता जुटे हैं।