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नेपाली के पीएम ओली के खिलाफ मधेशियों ने खोला मोर्चा, कहा- नागरिकता कानून वापस लो

Sat, 04 Jul 2020 07:08 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, ककरहवा (सिद्धार्थनगर)।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और नेपाल सरकार के गलत नीतियों, नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ नेपाल के नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्रों के मधेशियों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
नेपाली सरकार व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सीमा विवाद को लेकर लगातार भारत के खिलाफ कटाक्ष कर रहे हैं। जिसके कारण भारत और नेपाल के रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से नेपाल सरकार का झुकाव चीन के तरफ ज्यादा रहा है।
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Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।
इसी बीच नेपाल की ओली सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन करते हुए नया कानून पारित कर दिया है। जिसमें अब किसी देश की लड़की अगर नेपाल निवासी किसी लड़के के साथ विवाह करती है तो उसे विवाह के सात साल बाद ही नेपाल की नागरिकता मिलेगी। जबकि इससे पूर्व विवाह के पश्चात ही महिलाओं को नेपाल की नागरिकता मिल जाती थी।

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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
इसी कानून का विरोध नेपाल का मधेशी समुदाय जोर शोर से करते हुए संशोधित कानून को वापस लिए जाने की मांग तथा मित्र राष्ट्र भारत से पूर्व की तरह मित्रवत संबंध बनाए रखने के लिए प्रदर्शन किया।
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indo-nepal border - फोटो : अमर उजाला।
सीमाई क्षेत्रों में मधेशी युवाओं सहित कई राजनीतिक पार्टियां भी ओली सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 'मधेश विरोधी केपी शर्मा ओली मुर्दाबाद, नेपाल सरकार होश में आओ, भारत-नेपाल में मित्रता संबंध कायम करो,' 'मधेश विरोधी सात साल का नागरिकता कानून वापस लो' जैसे नारे लगाकर पुरजोर तरीके से नेपाल सरकार का विरोध किया।
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