पहले एक लाख का इनामी था राघवेंद्र, एडीजी अखिल कुमार की सिफारिश पर डीजीपी ने घोषित किया ढाई लाख का इनाम। इनाम बढ़ने पर एसटीएफ लखनऊ ने भी उसकी गिरफ्तारी पर शुरू कर दिया काम।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के झंगहा का रहने वाला जोन के सबसे बड़े 2.50 लाख रुपये के इनामी बदमाश राघवेंद्र यादव को पकड़ने में पुलिस दिलचस्पी नहीं दिखाती है। इनाम बढ़ने पर एसटीएफ लखनऊ ने भी उसकी गिरफ्तारी पर काम शुरू कर दिया, लेकिन असल में जिस पहल को करके उसे पकड़ा जा सकता है, उस पर पुलिस काम ही नहीं करती है। यह सभी जानते है कि वह गोरखपुर ही नहीं, बल्कि भारत ही छोड़ चुका है और विदेश में रहता है।
जानकारी के मुताबिक, तीन साल पहले पुलिस अफसरों को भी इसकी भनक लग गई थी कि वह किसी और नाम पते से वीजा, पासपोर्ट हासिल कर विदेश जा चुका है, लेकिन यह जांच आगे नहीं बढ़ पाई। जबकि, खुद पुलिस ने ही उसे आखिरी बार कोलकाता हवाई अड्डे पर देखा था। तब पुलिस वहां तक पहुंच गई थी, लेकिन थोड़ी देरी होने की वजह से उसने उड़ान भर लिया। उड़ान किस नाम से भरी, यह पुलिस नहीं पता लगा पाई है। तब से वह फरार चल रहा है और पुलिस उस पर इनाम बढ़ा रही है। पहले एक लाख का इनाम था और फिर एडीजी अखिल कुमार की सिफारिश पर डीजीपी ने ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
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राघवेंद्र यादव।(file)
- फोटो : अमर उजाला।
छोटे से विवाद में 2016 में की थी हत्या
राघवेंद्र ने 2016 में मामूली विवाद में ही गांव के ही चाचा-भतीजे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा है। हत्या के मुकदमे के वादी व पैरवी करने वाले व्यक्ति के साथ ही रिटायर दरोगा की वर्ष 2018 में गोली मारकर हत्या कर दी थी और फिर वह फरार हो गया। इसके बाद से पुलिस उसे नहीं पकड़ पाई। तब वह 25 हजार रुपये का इनामी था और अब ढाई लाख का इनामी हो गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
परिवार को लाइसेंस और सुरक्षा दी गई थी
चाचा-भतीजे की हत्या के बाद रिटायर दरोगा व उनके परिवार को सुरक्षा दी गई थी। रिटायर दरोगा के सबसे छोटे बेटे राममिलन को शस्त्र लाइसेंस भी दिया था। इसके बाद भी आरोपी घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गया। पुलिस के मुताबिक अब भी परिवार के पास सुरक्षा मौजूद है। छोटे बेटे राममिलन व उनके परिवार की सुरक्षा सतर्कता के साथ की जा रही है।
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राघवेंद्र यादव।
- फोटो : अमर उजाला।
राघवेंद्र पर कुल पांच मुकदमे
राघवेंद्र यादव पर झंगहा थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। 2016 में मारपीट, बलवा, हत्या, हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश का केस हुआ। 2018 में मारपीट, हत्या और धमकी का केस। फिर 2018 में ही धमकी देने का केस। 2019 में पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की। 2021 में अदालती सम्मन पर उपस्थित ना होने का केस दर्ज किया गया।
इन नंबरों पर दें सूचना
अपराधी के संबंध में कोई भी सूचना थानाध्यक्ष झंगहा के मोबाइल नंबर 9454403514, क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा के मोबाइल नंबर 9454401416, पुलिस अधीक्षक उत्तरी गोरखपुर के मोबाइल नंबर 9454400452 या वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के मोबाइल नंबर 9454400273 पर दी जा सकती है। जो सूचना देगा, उसका नाम, पता गोपनीय रखा जाएगा।