Locust attack
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कृषि ज्ञान केंद्र के प्रमुख शिव प्रसाद आर्यल ने बताया कि एक तकनीकी टीम ने झंगला पहुंचकर किसानों को बचाव के लिए जागरूक किया। डोभन के पास्कुंड, बुढ़ासतक और बगहा गांवों के जंगल के पेड़ों में टिड्डे मिले। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में पानी रुकने पर खेतों में लगाए गए खरपतवार और घास, मक्का और धान के बीज को टिड्डे खा सकते हैं। टिड्डों से बचाव के लिए उपाय करने को कहा गया है।