हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं की पूजा-अर्चना होती है। सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग देवी-देवताओं के व्रत एवं पूजन-अर्चन का विधान है। इसके साथ ही हर ग्रह का भी अलग दिन होता है। ज्यातिषाचार्य बृजेश पांडेय बताया कि हर देवी-देवता के पूजन का विधान अलग होता है। आइए जानते हैं किस देवी-देवता और ग्रहों के लिए कौन सा दिन हैं और कैसे पूजन करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती है...
रविवार: रविवार सूर्य देव का दिन है। इस दिन भगवान भाष्कर को जल अर्पित कर व्रत रखना चाहिए। घी-तेल और नमक से परहेज करना शुभ फल देता है। रविवार को लाल रंग का कपड़ा पहनें, लाल चंदन का टीका लगाएं और लाल रंग के फल-फूल सूर्यदेव को अर्पित करें।
सोमवार: सोमवार का दिन महादेव और चंद्र ग्रह को समर्पित है। इस दिन कुंवारी कन्याएं को मनचाहे जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत करना चाहिए। इस दिन सफेद रंग का कपड़ा पहनना और इसी रंग की चीजों का दान करना विशेष फलदायी है।