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कर्ज में डूब गया था इंद्र बहादुर: कसम खाई पर छोड़ न पाया जुए की लत...और खत्म कर दीं चार जिंदगियां

Mon, 06 Feb 2023 01:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
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चारों मृतक। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के गोला के देवकली निवासी इंद्रबहादुर जुआ का आदी था। उसने गांव के लोगों सूद पर कर्ज ले रखा था। शनिवार को भी उसने कर्ज पर 50 हजार रुपये लिया था और उसे जुआ में हार गया था। इसी बात को लेकर उसकी शनिवार रात में एक बार फिर पत्नी से विवाद भी हुआ था। बताया जा रहा है कि  कर्ज की वजह से घर को छोड़कर जमीन या तो बेच चुका था या फिर जुआ में हार चुका था। इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था। जबकि, सूदखोर परिवार पर लगातार कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, पहले इंद्रबहादुर का पूरा परिवार साथ ही रहता था। लेकिन, कोरोना काल में करीब दो साल पहले इंद्र बहादुर के पिता श्याम बिहारी की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद मां रजई देवी अक्सर ही अपनी बेटी के पास भिलाई रहने लगी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, इंद्रबहादुर का छोटा भाई भी जय बहादुर भी कर्ज की वजह से करीब 10 साल पहले गांव परिवार संग गांव छोड़कर भाग गया। जयबहादुर जब से गांव छोड़ा है, तब से कभी लौटकर नहीं आया। क्योंकि, उसने गांव में लोगों से सूद पर काफी कर्ज ले रखा था। यहां तक दो साल पहले पिता की मौत हुई तो भी जय बहादुर गांव नहीं आया।
 
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गोला की घटना के बाद जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
एक हफ्ते पहले जुआ छोड़ने लिए खाई थी कसम
मृतक इंद्रबहादुस के साले ने बताया कि एक हफ्ते ही पत्नी से विवाद होने के बाद जीजा ने जुआ छोड़ने के लिए कसम खाई थी। इसके बाद वह जुआ दो दिन नहीं खेलने गए थे, लेकिन एक बार फिर शनिवार को जुआ खेलने गए और विवाद होने के बाद आत्मघाती कदम उठा लिए।
 
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गोला की घटना - फोटो : अमर उजाला।
बहनोई जुआ खेलने के थे आदी, बहन से होता था झगड़ा
घटना की जानकारी होने पर महिला के मायके वाले भी महराजगंज से देवकली पहुंच गए। मृतिका सुशीला के भाई विनोद मौर्या पुलिस को तहरीर भी दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि मेरी बहन सुशीला मौर्या की शादी 20 साल पहले देवकली गांव के रहने वाले इंद्र बहादुर मौर्य से हुई थी। मेरा बहनोई शराब और जुआ का आदी था। बहन से इसी बात पर लेकर अक्सर झगड़ा होता था। रात में झगड़े के बाद हत्या कर इंद्रबहादुर ने खुदकुशी की है।
 

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गोला की घटना - फोटो : अमर उजाला।
फेल दिखी बीट पुलिसिंग, खुलेआम होता है जुआ
हत्या और फिर खुदकुशी की घटना से इलाके में सनसनी फैली है। ग्रामीणों का कहना है कि जुआ गांव में खुलेआम खेला जाता है। सूदखोरी ही इस गांव का असल पेशा है। पूरे दिन गांव के सिवान पर बैठकर लोग जुआ खेलते हैं। जहां जुआ होता है, वहां खेलने वाले तो होते ही हैं, साथ ही उनके पीछे सूदखोर पहले से खड़े रहते हैं। जोकि जुआ हारने वालों तत्काल सूद पर छोटी से बड़ी रकम मुहैया करा देते हैं। इससे बीट पुलिसिंग पर भी सवाल उठ रहा है। क्योंकि, अगर गांव में पुलिस जाती तो निश्चित तौर पर खुलेआम जुआ नहीं हो पाता।
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गोला की घटना - फोटो : अमर उजाला।
इंद्र के साले ने पुलिस को दी तहरीर
घटना की जानकारी होने पर महिला के मायके वाले महराजगंज से देवकली आए। सुशीला के भाई विनोद मौर्या ने पुलिस को तहरीर दी है, जिसमें बताया है कि बहन सुशीला की शादी 20 साल पहले इंद्र बहादुर मौर्य से हुई थी। बहनोई शराब और जुआ का आदी था। बहन से इसी बात पर अक्सर झगड़ा होता था। शनिवार रात में झगड़े के बाद बहन की हत्या कर इंद्र बहादुर ने खुदकुशी की है।          

 
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मृतक भाई बहन। - फोटो : अमर उजाला।
वर्तमान समय में परिवर्तित हो रहे सामाजिक संबंधों ने सामुदायिक सपोर्ट सिस्टम को क्षतिग्रस्त कर दिया है जिससे समाज के सदस्यों में मानसिक और आर्थिक असुरक्षा की भावना बढ़ी है। जब समाज से अलगाव हो जाता है तो आदमी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाता है। अलगाव मानसिक परिस्थितियों से पैदा होता है। इस तरह की घटनाओं के लिए सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप करने और सरकारी माध्यमों द्वारा काउंसलिंग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाना चाहिए। -दीपेंद्र मोहन सिंह,असिस्टेंट प्रोफेसर, समाजशास्त्र, गोरखपुर विश्वविद्यालय।

 
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गोला की घटना में मृतक बच्चे और उनकी मां। - फोटो : अमर उजाला।
नशा, जुआ का आदी होना और फिर कर्ज से परेशान होने की वजह से उसके अंदर मनोविकृत्ति आ गई होगी। उसने अचानक ऐसा नहीं किया होगा, इसके पहले भी उसने हरकत की होगी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया होगा। जुआ, शराब में कर्ज में डूबा और फिर आमदनी उतनी रही नहीं होगी, ऐसे में व्यक्ति जब जीने के लिए संघर्ष करने लगता है तो वह जीवन को समाप्त करने की ओर बढ़ जाता है। इस केस में भी कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है। निश्चित तौर पर उसे मनो रोग भी रहा होगा, जिसका इलाज नहीं हुआ। -डॉ. अमित शाही, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल।
 
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गोला की घटना का मृतक आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।
एक दिन पहले ही हारा था 50 हजार रुपया
इंद्रबहादुर जुआ का आदी था। उसने गांव के लोगों सूद पर कर्ज ले रखा था। शनिवार को भी उसने कर्ज पर 50 हजार रुपये लिया था और उसे जुआ में हार गया था। इसी बात को लेकर उसकी शनिवार रात में एक बार फिर पत्नी से विवाद भी हुआ था।
 
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