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Janmashtami: कान्हा तेरी छवि निराली, मन-मंदिर में सजे बिहारी

Sat, 20 Aug 2022 11:12 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
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राधा कृष्ण बनीं बालिका। - फोटो : अमर उजाला।
भाद्रपक्ष अष्टमी पर शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। सांस्कृतिक आयोजनों के बीच मध्य रात्रि का इंतजार हुआ। जैसे ही रात के 12 बजे, बधाई और मंगल गीतों से शहर गूंज उठा। समवेत स्वर में गूंजे बधाई गीत ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ व ‘भया कृपाला, दीन दयाला’ ने समूचे माहौल में भक्तिभाव घोल दिया। पूरे दिन के उपवास के बाद प्रसाद वितरण के साथ भक्ति, उत्साह और उत्सव की जो त्रिवेणी बही, उसका सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
शुक्रवार को दोपहर बाद हुई तेज बारिश से जन्माष्टमी की तैयारियां कर रहे श्रद्धालु थोड़ा परेशान जरूर हुए लेकिन, देर शाम बारिश बंद होने के बाद रंग-बिरंगी झालरों से तमाम जगहों पर सजी झांकियां चमक उठीं। जलकल भवन दो सालों बाद इस साल पूरे रौ पर था। शाम से ही सुंदर सजी झांकियों को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। श्रद्धालुओं के लिए की गई बैरिकेडिंग दर्शन में सहायता कर रहीं थीं। उधर, गीता वाटिका के राधा-कृष्ण मंदिर में सजी जेल की आकर्षण झांकी देखने में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा।

 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
यहां आरती के बाद षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना की गई। मंडलीय जेल में कैदियों की बैरक में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। पुलिस लाइंस में झांकियों के बीच सांस्कृतिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। रजही कैंप में भजन-कीर्तन का सिलसिला देर रात तक चला। आरपीएफ बैरक, स्टेशन रोड, आपीएफ लॉन दुर्गाबाड़ी आदि में जन्माष्टमी की खासी धूम रही। प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मोहद्दीपुर में सजी झांकी ने भी लोगों को खूब लुभाया। मोहद्दीपुर के गोपाल मंदिर में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की झांकी देखने के लिए देर रात तक लंबी कतार लगी रही।

 

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
जलकल भवन और पुलिस लाइंस में लगा मेला
कोरोना काल के दो सालों बाद इस साल जन्माष्टमी पर जलकल भवन के बाहर और पुलिस लाइंस में मेला लगा। झांकियां देखने पहुंचे लोगों ने मेले का लुत्फ उठाया। बच्चों का आकर्षण तरह-तरह के खिलौनों को लेकर था तो महिलाएं खानपान के स्टॉल पर ज्यादा नजर आईं।

 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
सोशल मीडिया पर भी रही जन्माष्टमी की धूम
जन्माष्टमी पर्व पर बृहस्पतिवार की शाम से ही लोग एक-दूसरे को बधाइयां व शुभकामनाएं देने लगे थे। शुक्रवार को दिन भर व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि सोशल साइट्स पर लोग भगवान श्रीकृष्ण के चित्र व वीडियो के साथ मैसेज शेयर कर शुभकामनाएं देते रहे।  

 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
गीता वाटिका और गोपाल मंदिर में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
गीता वाटिका स्थित श्रीराधाकृष्ण साधना मंदिर और मोहद्दीपुर स्थित गोपाल मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर के सभी श्री विग्रहों का विशेष शृंगार किया गया था। श्रीकृष्ण के प्राकट्य के लिए जेल की झांकी भी सजाई गई थी।
 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
जन्माष्टमी पर मंदिर को फूलों और बिजली की झालरों से सजाया गया था। रात्रि नौ बजे से भजन-कीर्तन का शुभारंभ हुआ। भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य की प्रथम आरती मध्यरात्रि 11:58 बजे शुरू हुई। आरती के बाद भगवान कृष्ण का षोडशोपचार पूजन किया गया। बधाई के पदों का गायन और नाम-संकीर्तन के कार्यक्रम देर रात तक चलते रहे। वैदिक मंत्रों सहित षोडशोपचार पूजन के बाद पुन: आरती हुई। उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया।
 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला।
इस्कॉन ने मनाया जन्मोत्सव
इस्कॉन ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव शुक्रवार को पार्क रोड स्थित होटल क्लार्क में धूमधाम मनाया। छह देशों से आए मेहमानों ने शाम छह बजे से हरिनाम संकीर्तन शुरू किया जो रात 10 बजे तक चला। इसके बाद भजन-कीर्तन शुरू हुआ जो रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के साथ समाप्त हुआ। अंत में पूजन-अर्चन के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर विद्यापति माधवदास, हरिगोपाल दास, मधुसुदन विष्णुदास, राधामाधव दास, कमलेश, सूर्यकांत, विंद्रेश, जगन निवास, पवित्रदास आदि मौजूद रहे।
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