कोरोना महामारी ने खेलों की दुनिया को रोक दिया है। अक्सर फील्ड में घंटों कभी फिजिकल तो कभी गेम में नजर आने वाले ये खिलाड़ी लॉकडाउन की वजह से अपने-अपने घरों या हॉस्टल में रहकर अकेले प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनका मानना है कि स्पोर्ट्स का मतलब स्वस्थ मन और तन होता है। जो स्वस्थ होते हैं वहीं खेल पाते हैं। कोरोना के खिलाफ जीवन की वैश्विक लड़ाई में हमें टीम इंडिया के रूप में भारत को विजयी बनाना है।
सामूहिक प्रयासों से ही लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स डे पर हम सभी को शपथ लेने की जरूरत है कि हम कोरोना महामारी पर जीत हासिल करेंगे। सभी लोग लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, हाथों की सफाई पर ध्यान देंगे। कोरोना को हराकर एक बार फिर जिंदगी की फील्ड पर उतरेंगे और देश के साथ अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे।