indo-nepal border
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खोंहौली गांव के सुग्रीव गुप्ता कहते हैं कि दो दिन पहले नेपाल के बेलासपुर से बेटी शकुंतला ने फोन किया। बेटी हर बार सावन में घर आती थी लेकिन इस बार सीमा सील होने के कारण वह नहीं आ पा रही है। फोन पर उसने भावुक होकर पूछा- बाबू जी आखिर कब तक ऐसे रहेगा। कहीं ऐसा तो नहीं, कोरानो समाप्त होने के बाद नागरिका कानून के मसले को लेकर नेपाल सरकार कुछ और सख्ती कर दे। अब तो मन में डर सा लग रहा है।