रामगढ़ताल।
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जीडीए उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने कहा कि रामगढ़ताल की सफाई व देखरेख की जिम्मेदारी हाल ही में जल निगम से प्राधिकरण को मिली है। जलकुंभी की सफाई के लिए प्राधिकरण के पास प्रशिक्षित लोग और जरूरी संसाधन नहीं है। यही वजह है कि ऐसी फर्म जो बड़े-बड़े ताल में जलकुंभी सफाई का काम करती है, उससे रामगढ़ताल की सफाई कराने का निर्णय लिया गया है। इसी सप्ताह टेंडर निकाले जाएंगे। टेंडर अल्प समयावधि वाले होंगे ताकि शीघ्र जलकुंभी सफाई का काम शुरू कराया जा सके।