यूपीे में 'मोहब्बत' के नाम पर भरोसे का कत्ल किया जा रहा है। दुल्हन ने प्रेमी के हाथों पति का कत्ल करा दिया। इश्क की अंधी दौड़ में किसी को मौत तो किसी की मंजिल जेल में है। भावनाओं के उफान में युवा पीढ़ी फंसी है। रिश्तों का वजूद मर रहा है।
इश्क-जिसे कभी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास कहा गया था, आज उसका स्वभाव बदलता जा रहा है। मेरठ की नीले ड्रम वाली मुस्कान जैसी क्रूरता भले ही न दोहराई गई हो लेकिन सनक और क्रूरता के कई नमूने लगातार सामने आ रहे हैं।
बस्ती में बुधवार-बृहस्पतिवार के बीच ऐसी ही दो वारदात सामने आने के बाद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। शादी की दहलीज के करीब पहुंच चुके युवा इन घटनाओं से सकते में आ गए हैं। जानकार बताते हैं कि शादी व निकाह से पहले युवा होने वाली दुल्हन का ब्योरा भी खंगालने लगे हैं।
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जानकारी देते पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परशुरामपुर के वेदीपुर में प्यार को पाने के लिए नई नवेली पत्नी ने प्रेमी के हाथों पति का कत्ल करवा डाला। तो रुधौली में बांसी सिद्धार्थनगर के युवक ने गले की हड्डी बनी शादीशुदा प्रेमिका को ही मौत के घाट उतार दिया।
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आरोपी पत्नी और मृतक दूल्हे अनीस का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हालात ऐसे हैं कि किसी की मंजिल मौत बन रही है, तो कोई प्रेम को पाने या बचाने की जिद में सलाखों के पीछे उम्र भर की कैद का इंतजाम कर बैठा है। ताजा घटनाओं की परतें उठाती हैं कि आज प्रेम का मतलब समझने से ज्यादा, उसे हर हाल में हासिल करने की सनक बढ़ रही है।
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आरोपी पत्नी रुखसाना की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनोविज्ञानी डॉ. एके दुबे कहते हैं, भावनाओं के तूफान में युवा फैसले तो जल्द ले लेते हैं, पर परिणाम झेलने की क्षमता नहीं बची। रिश्तों में संवाद की कमी, सोशल मीडिया का प्रभाव और अवसाद का दबाव मिलकर एक खतरनाक विस्फोट बना रहे हैं।
प्रेम पहली मुलाकात में नहीं, समझ और सम्मान में पनपता है। लेकिन आज युवक-युवतियां तुरंत सबकुछ पा लेने की चाह में गलत रास्ते चुन लेते हैं। असफलता का सामना होते ही टूट जाते हैं, और खतरनाक कदम उठा लेते हैं। भले ही बाद में उन्हें पछतावे के अलावा कुछ हासिल नहीं होता हो, लेकिन समय रहते आंख नहीं खुल रही है।
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जानकारी देते पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्या कहते हैं जानकार
काउंसलर डॉ. शैलजा मिश्रा बताती हैं कि प्रेम में असफल होना जीवन की असफलता नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब युवा रिश्ते को मेरा हक समझ लेते हैं। संवाद और संयम रिश्तों की सबसे बड़ी शक्ति है। हिंसा व जिद प्यार नहीं, मानसिक अस्थिरता का रूप है। वहीं, समाजशास्त्री डॉ. रघुवर पांडेय बताते हैं कि सोशल मीडिया और फिल्मी प्रभाव ने प्रेम को ग्लैमर, तड़क-भड़क और अधिकार का मामला बना दिया है। आज का युवा परिणाम नहीं सोचता, सिर्फ पल की भावनाओं में बह जाता है। शिक्षा संस्थानों में भावनात्मक मार्गदर्शन और काउंसलिंग व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।
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आरोपी पत्नी रुखसाना की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केस 1
मनपसंद युवक के प्यार में डूबी नवविवाहिता ने शादी के छठवें दिन ही बृहस्पतिवार की रात परशुरामपुर थानाक्षेत्र के वेदीपुर गांव निवासी 27 वर्षीय पति अनीस की हत्या करा दी। वह ननिहाल गांव के गैर बिरादरी के प्रेमी से शादी करना चाहती थी। मंसूबे में नाकाम होने पर प्रेमी के साथ मिलकर उसने खतरनाक साजिश रच डाली। हत्या के दो घंटे बाद ही पुलिस ने गोंडा जनपद के खोड़ारे थाना क्षेत्र के चैयनमवा गांव की रहने वाली रूखसाना और उसके प्रेमी गौर थानाक्षेत्र के महुआ डाबर निवासी रिंकू कन्नौजिया को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही हत्या के समय बाइक चला रहे किशोर को भी अभिरक्षा में ले लिया। खुलासा हुआ कि प्यार को हासिल करने की सनक ने दोनों को अंधा बना दिया था। अब दोनों जेल की हवा खा रहे हैं।
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siddharthnagar murder
- फोटो : अमर उजाला
केस-2
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी की रहने वाली प्रीति मौर्य को धोखे से बृस्पतिवार को रुधौली बुलाकर उसके प्रेमी ने मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने उसी रात सिद्धार्थनगर जिले के बांसी टेकघर मोहल्ला निवासी आरोपी दिलीप कुमार अग्रहरि (37) को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में पता चला था कि तीन बच्चों की मां होने के बावजूद प्रीति प्रेमी दिलीप पर शादी का दबाव बना रही थी। मगर पहले से शादीशुदा दिलीप इसके लिए तैयार नहीं था। गर्भवती प्रीति जब यह धमकी देने लगी तो कि पेट में पल रहे बच्चे को तुम्हारा बताकर जेल भेजवा दूंगी। प्रेमिका के तेवर से घबराए दिलीप ने खतरनाक प्लान बनाया और प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया।
विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
परिवार में खुलकर बात करने का माहौल बनाएं।
स्कूल-कॉलेज में काउंसलिंग अनिवार्य हो।
सोशल मीडिया लाइफ और वास्तविक जीवन में फर्क समझाया जाए।
प्रेम में असफलता कमजोरी नहीं, नए रास्ते की शुरुआत मानें।
रिश्तों में स्वामित्व नहीं, सम्मान जरूरी।
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परशुरामपुर के वेदीपुर में अनीस के घर पूछताछ करती पुलिस
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सोशल मीडिया बिगाड़ रहा राह
मनोचिकित्सक डॉ. एके दुबे बताते हैं कि इंस्टाग्राम, फेसबुक रील्स और फैंटेसी दुनिया में प्यार सिर्फ ड्रामेटिक लगने लगा है। फिल्मों और कंटेंट ने पजेसिव लव को ही सही रिश्ता मानने का भ्रम पैदा कर दिया है, जबकि वास्तविक जीवन में यही पागलपन अपराध में बदल रहा है। अकेलापन, तुलना, लाइक्स फॉलोअर्स का दबाव और 24 घंटे वर्चुअल एक्टिव रहना दिमाग को अस्थिर कर रहा है।
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Basti Groom Murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है पूरा मामला
बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना इलाके के बेदीपुर गांव के 28 वर्षीय अनीस की बृहस्पतिवार की देर शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि गांव के बाजार से लौट रहे अनीस को बाइक सवार दो युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने रोका और सिर में गोली मार दी। उसे अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, परशुरामपुर थानाक्षेत्र के बेदीपुर गांव निवासी समसुद्दीन के बेटे अनीस की शादी बीते 13 नवंबर को गोंडा जिले के खोड़ारे थानाक्षेत्र के बैयनमवा गांव में हुई थी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार की शाम अनीस किसी काम से गांव के पास की बाजार में गया हुआ था। शाम करीब आठ बजे वह बाजार से पैदल घर लौट रहा रहा था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पत्नी और उसका प्रेमी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनीस घर से करीब डेढ़ सौ मीटर पहले तक पहुंचा था कि इसी बच एक बाइक पर सवार दो युवक पहुंचे रास्ता पूछने के बहाने उसे रोका और सिर में गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास लोग दौड़े लेकिन तब तक बाइक सवार असलहा लहराते हुए भाग निकले। जानकारी के बाद परिवार के लोग भी भागकर वारदात स्थल पर पहुंचे। इस बीच किसी ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। गंभीर रूप से घायल अनीस को अयोध्या के दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू होने के कुछ देर बार ही अनीस ने दम तोड़ दिया था।