कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर सरकार ने औद्योगिक ऑक्सीजन गैस के उत्पादन पर रोक लगा दी है। शुक्रवार यानी आज से गोरखपुर में ऑक्सीजन तैयार करने वाली फैक्टरियों में औद्योगिक गैस का उत्पादन बंद कर दिया जाएगा। इससे गोरखपुर की 50 से ज्यादा फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित होगा।
दरअसल लोहे की कटिंग करने, वेल्डिंग करने आदि में ऑक्सीजन गैस का इस्तेमाल होता है। ऐसे में स्टील प्लांट, रेलवे, रोडवेज, चीनी मिल, टेक्सटाइल आदि फैक्टरियों में ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति होती है। गोरखपुर में ऑक्सीजन गैस के प्रमुख उत्पादक मोदी केमिकल्स की ओर से तकरीबन 50 फैक्टरियों में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की सप्लाई की जाती है।
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ऑक्सीजन सिलिंडर
- फोटो : pixabay
गुरुवार को सरकार द्वारा औद्योगिक ऑक्सीजन गैस के उत्पादन के रोक संबंधी आदेश के बाद इन फैक्टरियों में ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति आज से रोक दी जाएगी। मोदी केमिकल्स के निदेशक प्रवीण मोदी ने बताया कि गोरखपुर के तकरीबन 50 फैक्टरियों में रोजाना करीब 400 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। अब केवल अस्पतालों में ऑक्सीजन गैस की सप्लाई की जाएगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
रोजाना 2200 सिलिंडर की हो रही खपत
गोरखपुर में ऑक्सीजन गैस उत्पादन करने वाली दो फैक्टरियों, मोदी केमिकल्स और आरके ऑक्सीजन हैं। इनमें रोजाना तकरीबन 2600 सिलिंडर गैस रिफिलिंग होकर अस्पतालों, उद्योगों और व्यावसायियों के पास आपूर्ति की जाती है। जिसमें मोदी केमिकल्स की क्षमता 1600 और आरके ऑक्सीजन की क्षमता 1000 सिलिंडर रोजाना की है। सामान्य दिनों में औद्योगिक एवं व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए 700 और अस्पतालों में 700 ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई होती है, लेकिन इन दिनों खपत बढ़कर 2200 तक जा पहुंची थी। अब ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की आपूर्ति केवल अस्पतालों में ही होगी। मोदी केमिकल्स के प्रवीण मोदी ने बताया कि उनकी फैक्टरी में रोजाना 1200 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की आपूर्ति शुरू हो गई है। कुछ सिलिंडर रिजर्व में भी रखा जा रहा है।
नहीं मिला लखनऊ में ट्रेडिंग का लाइसेंस
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए मोदी केमिकल्स की ओर से निवेश मित्र पोर्टल के जरिए लखनऊ में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की ट्रेडिंग के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन एक महीने से भी ज्यादा हो जाने के बावजूद इसकी अनुमति संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा नहीं दी गई। प्रवीण मोदी ने बताया कि अगर अनुमति मिल गई होती तो कुछ अन्य ऑक्सीजन गैस उत्पादकों के साथ मिलकर लखनऊ में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की आपूर्ति शुरू कर दी जाती।