गोरखपुर महेवा थोक मंडी में लोकल सब्जियों की आवक शुरू हो गई है। ऐसे में सब्जियों के दामों में गिरावट का भी सिलसिला पिछले दो दिनों से जारी है। इसका लाभ अब सीधे जनता को मिलेगा जो पिछले कुछ महीनों से महंगी सब्जियां खरीदने को मजबूर थे।
सितंबर और अक्तूबर के दौरान देशभर में हुई बारिश का सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी के किसानों उठाना पड़ा। खेतों में पानी लगने से किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। फसल के बर्बाद होने का सीधा असर बाजार पर पड़ा। धीरे-धीरे सब्जियों की आवक बाजारों में कम होती गई और दाम बढ़ते गए।
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सब्जियां।
- फोटो : अमर उजाला।
फुटकर में टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो को पार कर गई। टमाटर के साथ ही गोभी, परवल, प्याज और आलू के दाम भी आसमान छूने लगे और लोगों के किचेन का बजट बिगड़ गया। लगभग एक महीने तक महंगी सब्जियों से परेशान लोगों को अब राहत मिलनी शुरू हो गई है। जो आगे भी जारी रहेगी।
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सब्जियां
- फोटो : अमर उजाला
क्या कहते हैं लोग
रुस्तमपुर निवासी मनोज मिश्रा ने बताया कि एक महीने तक सब्जियों के दाम आसमान छू रहे थे। बैंगन, भिंडी, लौकी 80 तो शिमला मिर्च 100 रुपये किलो बिक रहा था। अब सारी सब्जियों का दाम घट गया है। बक्शीपुर की रजनी ने बताया कि आमतौर पर अक्टूबर में सब्जियां सस्ती होती थीं, लेकिन इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में दाम कम हो गए हैं। इससे महंगाई से परेशान लोगों को थोड़ी सी राहत मिलेगी।
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दूकान पर रखी सब्जियां।
- फोटो : अमर उजाला।
सब्जी के थोक व्यापारी हाजी रमजान मेकरानी ने बताया कि मंडी में पिछले कुछ दिनों से लोकल सब्जियों की आवक हो रही है। जिससे बढ़ी हुई कीमतें अब नियंत्रण में आनी शुरू हो गई है। बताया कि सब्जियों के दामों में गिरावट का सिलसिला इसी तरह अगले दो महीने तक निरंतर जारी रहेगी।