फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब खुद ही अपनी पहचान होगा गोरखपुर का 'टेराकोटा', नहीं लेना होगा भारतीय मानक ब्यूरो से सर्टिफिकेट

Sun, 13 Dec 2020 03:47 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 5
गोरखपुर टेराकोटा। - फोटो : अमर उजाला।
भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) हासिल कर चुके गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों के लिए अब भारतीय मानक ब्यूरो से गुणवत्ता संबंधी प्रमाणपत्र नहीं लेना होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने यह छूट प्रदान की है।
विज्ञापन

2 of 5
गोरखपुर टेराकोटा। - फोटो : अमर उजाला।
टेराकोटा उत्पादों के लिए अब बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जीआई टैग ही इसकी गुणवत्ता की पहचान मानी जाएगी। इस प्रावधान के बाद टेराकोटा शिल्पियों को अपनी कलाकृतियों के निर्यात में काफी सहूलियतें मिलेंगी। पूर्वांचल में गोरखपुर के टेराकोटा शिल्प के अलावा काशी की लकड़ी की मूर्ति के शिल्पकारों को भी इसका फायदा होगा।
विज्ञापन

3 of 5
गोरखपुर टेराकोटा (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।
अब तक चीन के खिलौनों से बाजार पटे रहते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार, वाणिज्य मंत्रालय के डीपीआईआईटी ने न सिर्फ देश के बाजारों में भारत में बने खिलौनों की बिक्री बढ़ाने, बल्कि उनके निर्यात के लिए वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की कार्ययोजना तैयार की है। इसी के तहत खिलौनों के पंजीकृत कारीगरों द्वारा उत्पादित एवं बिक्री किए जाने वाली वस्तुओं को बीआईएस के अनुरूप भारतीय मानक ब्यूरो के लाइसेंस के तहत मानक चिह्न (स्टैंडर्ड मार्क) के उपयोग से छूट प्रदान की है। यह नियम एक जनवरी 2021 से लागू होगा। बीते दिनों प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में खिलौनों के संबंध में आने वाली इस परेशानी का जिक्र किया गया था।

4 of 5
पद्मश्री डॉ. रजनीकांत - फोटो : अमर उजाला।
देश के 19 जीआई टैग प्राप्त खिलौना उद्योगों को होगा फायदा
जीआई विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने बताया कि यह फैसला जीआई टैग प्राप्त खिलौना उद्योग को संजीवनी प्रदान करेगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान में बिना किसी तकनीकी परेशानी के सामान्य खिलौना शिल्पी भी अपने उत्पाद को लोकल से ग्लोबल कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गोरखपुर टेराकोटा। - फोटो : अमर उजाला।
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि पहले कई स्टैंडर्ड मार्क से क्वालिटी कंट्रोल सर्टिफिकेशन करना होता था। अब डीपीआईआईटी, वाणिज्य मंत्रालय की पहल पर गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जो जनवरी 2021 से लागू हो जाएगा। सामान्य शिल्पी भी जो हस्त शिल्प विभाग से जुड़ा होगा, आर्टिजन कार्ड धारक होगा, उसे यह छूट प्राप्त रहेगी। इससे काशी, गोरखपुर, चुनार सहित देश के 19 जीआई टैग प्राप्त खिलौना उद्योग से जुड़े लाखों शिल्पियों को फायदा होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें