2020 की शुरूआत में गोरखपुर विकास के पथ पर सवार होकर एक नई इबारत लिखने जा रहा था। लेकिन कोरोना वायरस के कारण यहां की कई परियोजनाओं की रफ्तार धीमी हो गई। आइए हम आपको इन खास 10 परियोजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं।
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Gorakhpur airport
- फोटो : अमर उजाला
01- गोरखपुर एयरपोर्ट
गोरखपुर में हवाई सेवा के लिए साल 2020 बहुत खास था। यहां तीन फ्लोर का नया टर्मिनल बनाने की तैयारी की जा रही थी। करीब 22 करोड़ की लागत से बन रहे 350 यात्रियों की क्षमता वाले इस टर्मिनल के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया आखिरी चरण पहुंच गई थी। लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसकी रफ्तार कम हो गई।
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Gorakhpur Zoo
- फोटो : अमर उजाला
02- गोरखपुर चिड़ियाघर
सीएम योगी ने गोरखपुर वासियों को चिड़ियाघर के रूप में एक बड़ी सौगात दी। वहीं प्रदेश के वन मंत्री ने भी दावा किया है कि गोरखपुर का शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) देश का सबसे बेहतरीन होगा। इसका निर्माण कार्य मार्च तक पूरा होना था लेकिन कोरोना के कारण इसके निमार्ण में भी देरी हो गई। 20 अप्रैल से लॉकडाउन में ढील के बाद इसका काम शुरू हो गया है। हालांकि अभी यहां मजदूरों की संख्या बहुत कम है।
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Gorakhpur forensic lab
- फोटो : अमर उजाला
03- फॉरेंसिक लैब
गोरखपुर में कोई बड़ी घटना होने पर उसके साक्ष्य को लखनऊ जांच के लिए भेजा जाता है। इसे देखते हुए गोरखपुर में ही फॉरेंसिक लैब की शुरुआत करने की पहल की गई। इसका काम भी शुरू हो गया और इसे मार्च 2020 तक पूरा होना था लेकिन लॉकडाउन के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
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Gorakhpur Fertilizer
- फोटो : अमर उजाला
04- खाद कारखाना
करीब ढाई दशक से बंद खाद कारखाने की जगह नया कारखाना 2020 के अंतिम तक बनकर तैयार होने की बात कही जा रही थी लेकिन फिलहाल ऐसा हो पाना मुमकिन नहीं नजर आ रहा है। सात हजार करोड़ की लागत से बन रहे इस खाद कारखाने से रोजाना 3850 मीट्रिक टन खाद का उत्पादन होगा। जापानी कंपनी टोयो इसका निर्माण करा रही है। इस कारखाने का 149.5 मीटर ऊंचा प्रिलिंग टॉवर दुनिया के सभी खाद कारखानों के प्रिलिंग टॉवर से ऊंचा है।
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ऐसा होगा वाटर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स।
- फोटो : अमर उजाला
05- वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
रामगढ़ताल के पास निर्माणाधीन वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम इस साल पूरा होने की बात कही गई है लेकिन कोरोना वायरस के कारण इसका काम ना के बराबर चल रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 40 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके अंतर्गत प्लेयर डारमेट्री, फर्स्ट एड सेंटर, स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, वाटर डेक, चेंजिंग रूम, रोविंग, केनोईंग, कयाकिंग, स्कीईंग, पैरा ग्लाइडिंग, वाटर स्कूटर, सी स्कूटर, कैफेटेरिया, बनाना बोट, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी का शहरवासी लुत्फ उठा सकेंगे। अभी आने वक्त बताएगा कि इसे बनने में और कितना समय लगेगा।
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File photo
06- सीएनजी स्टेशन
साल की शुरूआत में शहर के हर एंट्री प्वाइंट पर लोगों को सीएनजी स्टेशन की सुविधा मिलने वाली थी। इसे लेकर टोरेंट कंपनी की ओर से कार्य योजना तैयार भी हो गई थी। वर्तमान में कंपनी के बरगदवां और नौसड़ में एक-एक स्टेशन चल रहे हैं। मार्च तक छह स्टेशन खुलने वाले थे लेकिन इसमें भी कोरोना का ग्रहण लग गया और काम रुक गया।
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सांकेतिक तस्वीर
07- रेलवे स्टेडियम
करीब 70 लाख रुपये की लागत से गोरखपुर में स्टेडियम का विस्तार किया जा रहा है। स्टेडियम की क्षमता करीब 700 लोगों के बैठने की हो जाएगी। इसके बाद गोरखपुर में भी दिलीप ट्राफी और रणजी ट्राफी सरीखे क्रिकेट मैच हो सकेंगे। हालांकि कोरोना की वजह से इसका भी काम अटक गया है।
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गुरु गोरक्षनाथ
08- महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ
इस साल महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ के भवन निर्माण की आधारशिला रखी जानी थी और साल के अंत तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि अभी कोरोना के कारण पूरे देश में लॉकडाउन हो गया, इसलिए इस काम में भी देर तय है।
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
09- गोरखपुर विश्वविद्यालय
गोरखपुर विश्वविद्यालय में 600 कंप्यूटर सेट लगाने की कवायत चल रही है। इसके बनने से विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाएं तो होंगी ही, रेलवे और बैंक की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षाएं भी आयोजित कराई जाएंगी। इससे विश्वविद्यालय की आय भी बढ़ेगी। फिलहाल लॉकडाउन के कारण यह योजना भी अधर में अटक गई है।
10- गोरखपुर एम्स
गोरखपुर एम्स में अप्रैल माह में 300 बेड का अंत: रोगी विभाग (आईपीडी) शुरू हो गया। वहीं सभी 720 बेड की आईपीडी सितंबर माह में शुरू होनी है। दिसंबर 2020 तक एम्स में मेजर सर्जरी भी शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस बीच कोरोना महामारी ने इसके काम पर भी ब्रेक लगा दिया है। अब ऐसे उम्मीद लगाई जा रही है इसका काम मार्च-अप्रैल 2021 तक पूरा हो पाएगा।