Vivek gupta
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किराए का मकान लेकर रहने वाले विजय ने बड़ी मुफलिसी में बेटे को पढ़ाया। अमर उजाला से बातचीत में बहुत खुश थे। हों भी क्यों न, आर्थिक तंगी में भी बेटे को पढ़ाकर इंजीनियर बनाने की उनकी ख्वाहिश जो पूरी हुई थी। विवेक के बड़े भाई धीरज गुप्ता ने बताया कि पिता ने आर्थिक तंगी का असर विवेक पर नहीं पड़ने दिया। मां फूल कुमारी ने भी इसके लिए त्याग किया। बचपन में ही विवेक की मेधा को भांपकर विजय ने उसे इंजीनियर बनाने की ठान ली। कर्ज लेते गए, लेकिन विवेक की पढ़ाई में उन्होंने कोई बाधा नहीं आने दी।