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Gorakhpur Election Seat Result: सीएम योगी के गढ़ में लगातार दूसरी बार सपा का सूपड़ा साफ, जानिए क्यों हर कदम पर रही फेल

Thu, 10 Mar 2022 07:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ - फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में लगातार दूसरे विधानसभा चुनाव में भी समाजवादी पार्टी का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया। ग्रामीण विधानसभा सीट को छोड़ दें तो बाकी सभी आठ विधानसभा शहर, पिपराइच, कैंपियरगंज, चौरीचौरा, सहजनवां, खजनी, बांसगांव, चिल्लूपार के मतों की गिनती में पार्टी के प्रत्याशी पहले राउंड से ही पिछड़े रहे। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी पिछड़ने का अंतर भी बढ़ता गया।

 
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सपा मुखिया अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण विधानसभा सीट पर पार्टी यदि थोड़ी टक्कर दे भी सकी तो सिर्फ अपने प्रत्याशी विजय बहादुर यादव की रणनीति और मेहनत के बदौलत। विजय बहादुर 15 राउंड तक की गिनती में भाजपा के विपिन सिंह से बढ़त बनाए रखे मगर इसके बाद पिछड़े तो पिछड़ते ही चले गए। उन्होनें पिछले 2017 के चुनाव में भी विपिन सिंह को अच्छी टक्कर दी थी। तब उन्हें 4410 वोटों से शिकस्त खानी पड़ी थी।


 
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सपा मुखिया अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, 2017 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने के बाद से ही पार्टी ने न तो कभी गहराई में जाकर हार की वजहें तलाशी और न ही ईमानदारी से उन्हें दूर करने की ही कोशिश की। सड़क से लेकर सदन तक जिस संघर्ष के लिए समाजवादी पार्टी जानी जाती थी, इस पूरे पांच साल में पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं में वह तेवर ही नहीं दिखा। किसी मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरने से  नेता गुरेज करती रहे तो वहीं पार्टी को बूथ लेवल पर मजबूत करने के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं की।

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योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव - फोटो : सोशल मीडिया
ढाई साल तक महानगर अध्यक्ष की कुर्सी ही खाली रही तो वहीं चार महीने तक पार्टी जिलाध्यक्ष तक का चेहरा ही नहीं तलाश सकी। 2017 के विधानसभा चुनाव में शिकस्त खाने के बाद पार्टी को पहले नगर निगम, फिर लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए पंचायत चुनाव में भी करारा झटका लगा। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी, वोटर तो दूर खुद के प्रत्याशी तक को नहीं सहेज सकी। इन सबके इतर शीर्ष नेतृत्व के अलावा स्थानीय नेताओं के  भी बिगड़े बोल ने भी पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचाया।  
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
तीन सीटों पर तीसरे से खिसक कर दूसरे पर पहुंची सपा
गोरखपुर  जिले की सभी सीटों पर मुकाबला भाजपा और सपा के बीच ही रहा। सपा के प्रत्याशी सभी सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे। 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में खजनी से पार्टी प्रत्याशी रूपावती, चिल्लूपार से रामभुआल निषाद और बांसगांव से शारदा देवी तीसरे स्थान पर थी। जबकि, ग्रामीण से विजय बहादुर दूसरे और पिपराइच से अमरेंद्र निषाद तीसरे स्थान पर थे। शहर और कैंपियरगंज की सीट सपा ने गठबंधन के तहत कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी। शहर से राणा राहुल सिंह और कैंपियरगंज से चिंता यादव दूसरे स्थान पर थी।
 
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