Gorakhpur Double Murder Case: गोरखपुर के चौरीचौरा डबल मर्डर में पुलिस ने क्राइम सीन रिक्रिएशन किया। इस दौरान पुलिस छत पर नहीं चढ़ सकी। शिवदहचक गांव में शनिवार देर रात मां-बेटी की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी।
गोरखपुर के चौरीचौरा डबल मर्डर में घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएशन (वारदात के दृश्य का पुनर्निर्माण) किया। हत्याओं के बाद बड़ी बेटी खुशबू ने पुलिस को बताया था कि उसे बाहर से बंद कर दिया गया, मगर दरवाजे के छेद से उसे हत्यारों के पैर दिखाई दिए थे। पुलिस ने पूरी कहानी पर सीन रीक्रिएट किया तो सबकुछ उससे इतर मिला। पुलिस को दरवाजे से पैर ही नहीं, सभी के चेहरे भी साफ दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने नए एंगल पर जांच शुरू कर दी है। चौरीचौरा थाना क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में शनिवार देर रात पूनम (45) और उसकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से हमला कर हत्या कर दी गई थी।
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मृतक महिला का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
घटना के समय बगल के कमरे में बड़ी बेटी खुशबू मौजूद थी। खुशबू के मुताबिक उसका कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था। अंदर से वह मां और बहन को बचाने के लिए चिल्ला रही थी। खुशबू ने बताया था कि उसने अपने कमरे के दरवाजे के छेद से आरोपियों के पैर देखे थे। इसके बाद पुलिस और बुआ को कॉल कर जानकारी दी थी। पुलिस आई तो उसके दरवाजे की कुंडी खोलकर उसे बाहर निकाला था। पुलिस ने दरवाजा बंद कर अंदर छेद से झांका तो बाहर सबके चेहरे साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। फिर खुशबू से पूछताछ शुरू की।
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बेटी खुशबू
- फोटो : अमर उजाला
खुशबू ने दो तरह का बयान दिए हैं, एक में बाहर से कमरा बंद होने की बात है, दूसरे में अंदर से बंद करने के बारे में बताया है। खुशबू ने बताया था कि उसने अंदर से हत्यारोपियों की आवाज सुनी है। उसी आधार पर खुशबू की तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने संजय उर्फ शैलेंद्र को मुख्य आरोपी बनाया। उसके पिता कोटेदार सरजू, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात पर भी हत्या का केस दर्ज कर लिया था। खुशबू ने जो कहानी बताई थी, इसकी सत्यता की जांच करने के लिए पुलिस ने मंगलवार को क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया।
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जांच पड़ताल करते अधिकारी
- फोटो : संवाद
छत के रास्ते मकान में घुसना कठिन
पुलिस के अनुसार, घर के पीछे पहले सात फिट ऊंचे शौचालय पर चढ़ना होगा। फिर वहां से पांच फिट की ऊंचाई पर चढ़ने पर कोई व्यक्ति छत पर पहुंचेगा। इसमें भी 30 साल से अधिक उम्र के लोगों का चढ़ पाना बेहद मुश्किल है। आरोपियों में तो कोटेदार की उम्र करीब 80 वर्ष बताई जा रही है। ऐसे में छत के रास्ते मकान में दाखिल होना कठिन है।
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घर के पीछे छानबीन करती पुलिस
- फोटो : संवाद
खेत से छत पर नहीं चढ़ सकी पुलिस, मिले पैरों के निशान
शिवपुर चकदहा गांव पहुंची चौरीचौरा पुलिस ने गांव पहुंचकर घर के पीछे का जायजा लिया। बताया गया था कि पीछे खेत के रास्ते ही आरोपी मकान की छत पर चढ़े थे। घर के पीछे सात फिट से भी ऊंची दीवार है। पुलिस सूत्रों की मानें तो उम्रदराज पुलिसकर्मियों ने दीवार पर चढ़कर छत तक जाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद खेत में पैरों के निशान खोजना शुरू किया। कुछ जगहों पर पैरों के निशान मिले।
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विशाल निषाद, बेटा
- फोटो : संवाद
बेटा बोला-मां बोली थी, सबकुछ ठीक है
विशाल निषाद का कहना है कि घटना के दिन शनिवार शाम सात बजे मां से बात हुई थी। उन्होंने सबकुछ ठीक बताया था। उससे कहा था कि ठेकेदार ने पैसे दे दिए हैं। खाते में जल्द भेज देगा। इससे दरवाजा लगवा देना। विशाल ने बताया कि संजय उसकी मौजूदगी में कई बार उसके घर पर आया था।
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खुशबू से पूछताछ कर बयान लेती पुलिस
- फोटो : संवाद
खुद पूछताछ पर भड़की, भाई को भी घेरी रही
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बयान लेते समय अचानक खुशबू नाराज हो गई और आरोपी को जेल न भेजने पर सवाल उठाने लगी। यही नहीं, उसने संजय को गिरफ्तार कर जेल न भेजने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। पुलिस ने जब पूनम के बेटे विशाल निषाद से पूछताछ शुरू की तो वहां भी आकर खुशबू बैठ गई। कहा कि उसका भाई बाहर रहता है, उसे कुछ नहीं पता है। पुलिस काफी देर क्राइम सीन रिक्रिएशन करती रही लेकिन हत्या की कहानी से काफी कुछ अंतर मिला है। पुलिस का ये भी मानना है कि दरवाजा सामने से खोला गया है, किसने और कैसे खुला इसकी जांच की जा रही है।
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पीड़ित परिवार
- फोटो : संवाद
कोटेदार के बेटे को गिरफ्तार कर पुलिस ने भिजवाया जेल
मां-बेटी की हत्या के आरोप में पुलिस ने गांव के कोटेदार के बेटे संजय को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भिजवा दिया। पूनम की बेटी खुशबू ने संजय, उसके भाई और कोटेदार पिता के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था। एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दस से अधिक लोगों से पूछताछ हुई है। आरोपी संजय को जेल भिजवा दिया गया है। इससे पहले मंगलवार सुबह पुलिस ने गांव के चार लोगों को पूछताछ के लिए उठाया था। उनके पकड़े जाने के बाद से ही यह कयास लगाया जाने लगा था कि घटना का पर्दाफाश हो जाएगा।
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गांव में तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गांव में तनावपूर्ण माहौल, पीएससी तैनात
गांव में दो जातीय का मामला होने के कारण तनावपूर्ण माहौल है और जातीय संघर्ष को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में है। संजय के परिवार से कोटे को लेकर शिवपुर चकदहा और शिवपुर अतरिया में लंबे समय से विवाद चल रहा है। कोटा हटवाने के लिए कई बार शिकायत भी की गई थी। सुरक्षा को लेकर गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। घटना के दूसरे दिन गांव में किसी के यहां चूल्हा नहीं जला, पुरुष काम पर नहीं गए। आरोपी को हिरासत में लेने के बाद भी जेल नहीं भिजवाने से लोग आक्रोषित हैं। वहीं पूनम और अनुष्का की मौत के बाद के हॉल में जहां घटना हुई, वहां ढेर सारा खून जम गया था। जिसे घर के सदस्य काफी देर तक साफ करते रहे। खून देखकर घर आए रिश्तेदारों की रूह कांप गई।
छत पर लगवाना था गेट, सपने अधूरे रह गए
पूनम के बेटे विशाल निषाद मां बहन को यादकर दहाड़ मारकर रोने लग रहा है। उसने बताया कि छत पर गेट लगवाना था, मां से बात हुई तो बोला था कि कुछ दिन में रुपये भेज दूंगा। फिर काम शुरू करा देना। अनुष्का ने कपड़ा और मिठाई भेजने के लिए कहा था। उसने यह भी कहा था कि मेरी साइकिल बनवा दो भईया, उससे स्कूल पढ़ने जाऊंगी। परिवार के लिए जो भी सपने देखते थे वह अधूरे रह गए।