गोरखपुर में रामगढ़ ताल में दो बोट के बीच भीषण टक्कर के बाद पर्यटक दहशत में आ गए। चीख-पुकार के बीच संचालक नाव छोड़कर भाग गए। हादसे के बाद प्लेटफॉर्म पर सन्नाटा पसर गया। टिकट होने के बावजूद कई पर्यटकों ने लौटना ही बेहतर समझा।
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रामगढ़ ताल में दो बोट के बीच टक्कर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गोरखपुर में नौकायन के दौरान हुए हादसे के बाद पूरे घाट क्षेत्र का माहौल अचानक बदल गया। घटना की सूचना फैलते ही मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे। वहीं, अधिकांश बोट संचालक भी अपनी नावें छोड़कर मौके से निकल गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद कुछ समय तक किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है? लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और हर कोई घायलों की मदद में जुट गया। इस दौरान कई पर्यटकों के चेहरे पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी। हादसे के बाद प्लेटफॉर्म नंबर एक, चार और पांच से संचालित होने वाली बोटिंग लगभग ठप हो गई।
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घायल बच्चे को गोद में लेकर बैठी मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रत्यक्षदर्शी अजय गुप्ता ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर इधर-उधर दौड़ने लगे। कई लोग अपने परिवार के सदस्यों को खोजते नजर आए। उन्होंने बताया कि कुछ बोट संचालक भी मौके से चले गए, जिससे स्थिति को संभालने में शुरुआती समय में परेशानी हुई।
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घटना की जानकारी प्रत्यक्षदर्शियों ने दी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रत्यक्षदर्शी प्रभात पांडेय ने बताया कि हादसे के बाद पर्यटकों के बीच डर का माहौल बन गया। जिन लोगों ने पहले से टिकट ले रखी थी, उनमें से भी कई ने बोटिंग का इरादा छोड़ दिया। उन्होंने टिकट होने के बावजूद नौका में बैठने से इन्कार कर दिया और सुरक्षित लौट जाना ही उचित समझा। उनका कहना था कि हादसे के बाद किसी में भी नौकायन करने का साहस नहीं बचा था।
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दोनों घायलों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के बाद प्लेटफॉर्म नंबर पांच के संचालक जिला अस्पताल भी पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना। अस्पताल में घायलों के परिजनों और परिचितों की भी भीड़ लगी रही। हर कोई उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने में जुटा रहा।
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इसी बोट से हुआ था हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने चेताया... जीडीए ने रात नाै बजे तक चलाने की दे दी अनुमति
करीब डेढ़ माह पहले एसपी सिटी निमिष पाटील ने रामगढ़ताल में देर रात तक खतरनाक तरीके से हो रही बोटिंग का संज्ञान लेते हुए रामगढ़ताल पुलिस की मदद से शाम सात बजे के बाद बोट संचालन पर रोक लगवा दी थी।
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जिला अस्पताल में तीनों घायलों का उपचार किया गया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस का मानना था कि अंधेरा होने के बाद सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है और हादसों की आशंका रहती है। हालांकि इस निर्णय के विरोध में बोट संचालक जीडीए पहुंचे। इसके बाद जीडीए अधिकारियों ने रात नौ बजे तक बोट संचालन की अनुमति दे दी। वहीं, सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रही स्टंटबाजी की घटनाओं को लेकर भी एसपी सिटी ने जीडीए अधिकारियों से सख्त कार्रवाई करने को कहा था लेकिन इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
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घटनास्थल की तरफ जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़ताल में दो बोटों की टक्कर, पर्यटक की मौत, मासूम समेत तीन घायल
गोरखपुर में रामगढ़ताल में रविवार रात करीब 8:30 बजे दो बोटों की टक्कर में एक पर्यटक चोटिल होकर पानी में गिर गया जबकि चार साल का मासूम, एक अन्य युवक और बोट चालक घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पानी में गिरे युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, डीएम ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि देर रात मृतक भाई सलाउद्दीन की तहरीर पर दोनों बोट चालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और एक चालक हिरासत में ले लिया गया है।
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घटनास्थल पर पहुंचे कमिश्नर, डीआईजी, डीएम व अन्य आलाधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक की पहचान कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मोतीचक इलाके के अजीजनगर निवासी लखमुद्दीन (20) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गांव के कयामुद्दीन अंसारी (29) परिवार के साथ नौका विहार घूमने आए थे। रविवार रात करीब आठ बजे परिवार के 10 सदस्य ऑटो से नौका विहार पहुंचे। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इनमें से सात लोग एक बोट पर सवार हुए जबकि उसी बोट पर तीन अन्य पर्यटक भी मौजूद थे।
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जिला अस्पताल में घायलों का हालचाल लेने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कयामुद्दीन ने बताया कि सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। ताल का चक्कर लगाकर उनकी बोट प्लेटफॉर्म नंबर पांच की ओर लौट रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर चार की ओर से आ रही एक स्पीड बोट ने उनकी बोट में टक्कर मार दी। टक्कर के झटके से उनके मौसेरे भाई लखमुद्दीन पानी में गिर गए। शोर मचाने पर दूसरी बोट से पहुंचे लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने लखमुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। उसके सिर पर चोट लगी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में कयामुद्दीन के कंधे, उनके बेटे हमजा के सिर और बोट चालक अभिषेक साहनी के कंधे में चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही कमिश्नर अनिल ढींगरा, डीआईजी डॉ. एस चन्नप्पा, डीएम दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल और एसपी सिटी निमिष पाटिल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जिला अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति में जीडीए, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। समिति को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए को सूर्यास्त के बाद रामगढ़ताल में बोटिंग का संचालन बंद कराने के लिए कहा गया है। - दीपक मीणा, डीएम