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UP Election 2022: गोरखपुर में किसने मारा छक्का, कौन शून्य पर हुआ आउट, दस मार्च को चलेगा पता

Fri, 04 Mar 2022 12:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में मतदान। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर जिले के करीब 35.91 लाख मतदाताओं ने बृहस्पतिवार को ईवीएम का बटन दबाकर 109 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर दिया है। हालांकि, परिणाम दस मार्च को सामने आएगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि मतदाताओं की कृपा किस प्रत्याशी पर बरसी है। जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर कहीं दो प्रत्याशियों के बीच सीधा तो कहीं त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला है। राजनीतिक दलों के कोर वोटरों को छोड़ दें तो अधिकतर मतदाता खामोश ही रहे। वोटरों की चुप्पी की वजह से प्रत्याशी भी उनका मूड भांपने में कामयाब नहीं रहे। इस वजह से चुनाव में उन्हें अधिक मेहनत मशक्कत करनी पड़ी। गोरखपुर शहर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चुनावी बैटिंग करने उतरे हैं। उन्हें घेरने के लिए विपक्ष ने भी स्पिन और तेज गेंदबाजों से बॉलिंग कराई है। इसी तरह कई वर्तमान और पूर्व विधायकों ने भी चुनावी पिच पर बैटिंग की है। कई नए खिलाड़ी भी मैदान पर उतरे हैं। अब दस मार्च को पता चलेगा कि किसने चौका व छक्का मारा और कौन शून्य पर आउट हो गया।
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गोरखपुर में मतदान। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत-55.12

 योगी की जीत पर नहीं, जीत के अंतर पर चर्चा

गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुकाबला, किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी से नहीं दिखा। बूथों पर जो मतदाता मिले, वह बस यही कहते मिले कि योगी के जीतने का अनुमान लगाना ठीक नहीं है। जीत का अंतर कितना होगा, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। चुनाव जरूर जीतेंगे, इसमें किसी तरह का कोई शक नहीं है। वह इसी क्षेत्र से लगातार पांच बार सांसद रहे हैं। इस बार विकास के मुद्दे पर वोट डाले गए हैं।

मोहद्दीपुर स्थित रफी अहमद किदवई इंटर कॉलेज में सुबह सात बजे से ही मतदान शुरू हो गया। मतदाता तेजी से आए और मतदान करके चले गए। मोहद्दीपुर की सुनीत कोहली और धर्मेंश कुमार शर्मा ने कहा कि इस चुनाव मेें मुद्दा विकास व सुरक्षा है। पिछले पांच वर्षों में गोरखपुर बदल गया है। मोहद्दीपुर क्षेत्र ही देख लीजिए। विकास के मामले में जमीन-आसमान का अंतर है। राजकीय जुबली इंटर कॉलेज पर मतदान करने आईं सीमा शाही ने कहा कि इस बार अच्छे प्रत्याशी की कमी नहीं है। योगी आदित्यनाथ योग्य उम्मीदवार हैं। सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज में मतदान करने आईं शिक्षाविद लता द्विवेदी, रक्षा द्विवेदी, सविता शुक्ला ने कहा कि अब जाति-धर्म के नाम पर मतदान नहीं होगा। जो विकास करेगा, वही जीतकर जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा का माहौल बनाया है। विकास देखा जा सकता है।

सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज में मतदान करके निकले शिक्षाविद अजय शाही और आराधना शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री चुनाव जीतेंगे, इसमें किसी तरह का कोई संशय नहीं है। देखना यह होगा कि जीत का अंतर कितना रहेगा। मतदान फीसदी बढ़ा है। इसका मतलब है कि जीत का अंतर भी बढ़ जाएगा।  तुलसीदास इंटर कॉलेज में मतदान करने वाले डॉ. भोलेंद्र नारायण दुबे और डॉ. उपमा दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री को बड़े अंतर से जीत मिलेगी।   

मतदान फीसदी बढ़ा
2022 के विधानसभा चुनाव में मतदान के आंकड़े बताते हैं कि इस बार इस क्षेत्र में अब तक का रिकॉर्ड बना है। शाम छह बजे तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में 55.12 फीसदी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर पूर्व के चुनावों के मतदान प्रतिशत को पीछे छोड़ चुके थे। मतदान का यह बढ़ा प्रतिशत पूर्व के चुनावों की प्रवृति पर कायम रहा तो भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीत का अंतर नए रिकॉर्ड के रूप में सामने आ सकता है।   

वर्ष       मतदान प्रतिशत   भाजपा की जीत का मार्जिन
2007       28.62               23392 वोट
2012       46.19               47454 वोट
2017       50.98               60730 वोट
2022       55.12              मतगणना के बाद ही तय होगा।
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गोरखपुर में मतदान। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत -60.11

कहीं विकास तो कहीं जाति के मुद्दे पर पड़े वोट

गोरखपुर शहर से जुड़े गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कहीं विकास तो कहीं जाति के मुद्दे पर वोट पड़े। वोटरों को अपने पाले में करने के लिए सभी दलों ने पूरा दमखम लगाया। हालांकि, मतदान खत्म होने तक कोई भी दल अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नजर नहीं आया।

आदर्श जनता इंटर कॉलेज नौसड़ बूथ पर वोट देकर लौटे दुर्गेश पासवान और संगम लाल जायसवाल का कहना था कि विकास के मुद्दे पर ही मतदान हुआ है। ज्ञानेंद्र त्रिपाठी व विकास निषाद का कहना था कि चुनाव में जनसुविधा ही सबसे बड़ा मुद्दा था। हमने अच्छी सरकार के लिए वोट दिया है। चंदा जायसवाल ने भी विकास के मुद्दे पर वोट देने की बात कही। वहीं, रुस्तमपुर क्षेत्र की रहने वाली शशि निषाद, प्रगति, ऊषा यादव आदि का कहना था कि उन्होंने बदलाव के लिए वोट दिया है।

खोराबार क्षेत्र के बूथ पर वोट देकर लौटे सुरेंद्र मिश्र का कहना था कि हमने तो वोट विकास के मुद्दे पर दिया है। भगत चौराहे के रहने वाले रामललित प्रसाद का कहना था कि स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ अपने समाज की भावनाओं का भी ख्याल करना पड़ता है। आजाद नगर की रहने वाली सीमा मद्घेशिया का कहना था कि मेरे पूरे परिवार ने अच्छी सरकार को ध्यान में रखकर वोट दिया है। हमारे लिए सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है।
 

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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

सहजनवां विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत 61.04

मतों के बिखराव पर टिकी उम्मीदवारों की उम्मीद

सहजनवां विधानसभा क्षेत्र का परिणाम मतों के बिखराव पर टिका है। चर्चा है कि दो प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच मुख्य मुकाबला है, लेकिन तीसरे प्रमुख दल के प्रत्याशी को मिला वोट ही निर्णायक साबित होगा।

प्राथमिक विद्यालय सतुआभार में मतदान करने पहुंचीं 70 वर्षीय रतना मिश्रा ने कहा कि इस बार वोट, विकास और अपराध पर नियंत्रण के मुद्दे पर डाला। प्राथमिक विद्यालय भड़सार के दीपक उपाध्याय ने कहा कि इस बूथ पर भाजपा मजबूत है। काफी वोटिंग हुई है। इस वजह से क्षेत्र के एक व्यक्ति ने धमकी भी दे डाली। मुख्य मुकाबला दो प्रमुख पार्टियों के बीच है, लेकिन तीसरी प्रमुख पार्टी के प्रत्याशी को मिला वोट ही विजेता तय करेगा।

प्राथमिक विद्यालय भीमापार मतदान केंद्र पर पहुंचे श्रीप्रकाश शुक्ला ने कहा कि सुबह ही मतदान कर दिया। सुबह काफी भीड़ थी। दिन चढ़ने के साथ वोटिंग का ग्राफ घटता-बढ़ता रहा। उन्होंने कहा कि जीत-हार पर कोई खुलकर नहीं बोल रहा। साइलेंट वोटर ही निर्णायक साबित होंगे।

रेशमा रावत इंटर कॉलेज भीटी रावत मतदान केंद्र पर वोट देने पहुंचे सुग्रीव बेलदार ने कहा कि इस बार बदलाव की बयार है। प्राथमिक विद्यालय मुंडा कोहरा मतदान केंद्र पर रामपलट यादव ने कहा कि सपा काफी मजबूती से लड़ रही है। लेकिन, बसपा प्रत्याशी भी काफी दमदारी से मैदान में हैं। जोगिया कोल, जगदीशपुर, कोड़री क्षेत्र के अधिकतर मतदाताओं का कहना था कि सहजनवां में वैसे तो मुकाबला भाजपा और सपा में है, लेकिन बसपा भी कमाल कर सकती है।
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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

कैंपियरगंज विधानसभा सीट मतदान प्रतिशत 58.93       

जातीय समीकरणों में उलझा चुनाव परिणाम

कैंपियरगंज विधानसभा सीट पर चुनाव परिणाम जातीय समीकरणों में उलझा नजर आया। अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला दिखाई दिया। मतदाताओं की खामोशी ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। नतीजे के लिए 10 मार्च का इंतजार करना होगा।

शहर से सटे जंगल कौड़िया और इसके आसपास के गांवों में भाजपा के समर्थक अधिक दिखे, तो मुस्लिम और यादव बहुल इलाके पचमा, बरईपार, डुमरिया और जंगल अगही जैसे इलाकों में सपा समर्थक मुखर रहे। शिवपुर, करमहा जैसे गांवों में हर वर्ग के लोग अपनी-अपनी पसंद के प्रत्याशी की लामबंदी करते नजर आए।

खजुरगांवा, मूसापार जैसे निषाद बहुल इलाकों में वोटरों की चुप्पी प्रत्याशियों को बेचैन किए हुए है। कुछ गांवों में दलित मतदाताओं का दबदबा है। यह वर्ग बसपा का कैडर वोटर माना जाता है। वहीं, कई इलाकों में ब्राह्मण और कायस्थ मतदाता भी निर्णायक भूमिका में हैं। इन मतदाताओं को सभी दल अपने पक्ष में लुभाते दिखे। इस तरह जातीय आंकड़ों के खेल में चुनावी महारथी फंसे नजर आ रहे हैं।  

कैंपिरयगंज सीट से भाजपा ने छह बार से लगातार जीत दर्ज करने वाले पूर्व मंत्री व विधायक फतेह बहादुर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। वह अपनी जीत के प्रति एकदम आश्वस्त हैं। सपा ने अभिनेत्री काजल निषाद को टिकट दिया है। बसपा से चंद्रप्रकाश निषाद मैदान में हैं। कांग्रेस ने सुरेंद्र निषाद को प्रत्याशी बनाया है।

तीन दलों के प्रत्याशियों के एक की जाति के होने की वजह से इनका सजातीय वोट बंटता दिख रहा है। यही बिखराव, भाजपा प्रत्याशी को राहत दे रहा है। यदि निषाद वोटरों ने किसी एक के पक्ष में एकजुटता दिखाई तो परिणाम अप्रत्याशित हो सकता है। इस विधानसभा सीट पर अनुसूचित जाति और निषाद वोटर सबसे अधिक हैं। ऐसे में सभी दलों के प्रत्याशी इन दोनों को अपने-अपने पक्ष में लामबंद करने में जुटे रहे।
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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

पिपराइच- विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत 63.26

मतों का बिखराव बिगाड़ सकता है समीकरण

शहर से सटे पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में मतों का बिखराव प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ सकता है। नगर पंचायत में भाजपा परंपरागत वोटों के जरिये मजबूत दिखी, जबकि चिलबिलवा, बड़हरिया जैसे इलाकों में मुस्लिम वोटों के सहारे सपा मुकाबले को दिलचस्प बनाती दिखी। बसपा और कांग्रेस परंपरागत वोटों को सहेजने में जुटी रहीं।

पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में लड़ाई भाजपा के महेंद्र पाल सिंह और सपा प्रत्याशी अमरेंद्र निषाद के बीच मानी जा रही है। नगर पंचायत और उसके आसपास के घोघड़ा, ककरहिया, जंगल धूसड़ जैसे सैंथवार, ब्राह्मण बहुल वाले इलाकों में भाजपा को मजबूत माना जा रहा है। जबकि, इससे सटे हसनगंज, भटहट जैसे मुस्लिम और निषाद बाहुल्य इलाकों में सपा को मजबूत बताया गया।

नगर पंचायत कस्बे में वोटों के ध्रुवीकरण की चर्चा रही। दलित वोटों पर सभी दलों की नजरें रहीं। मतदान के अंतिम क्षण तक सभी दल अपने कोर वोटरों को सहेजते दिखे। कई जगहों पर मतदाताओं में बिखराव दिखाई दिया। जंगल तिकोनिया जैसे मलिन बस्ती वाले इलाके में भी समीकरण बेहद पेचीदा दिखाई दिए।

पिपराइच से महेंद्र पाल सिंह मौजूदा विधायक हैं। भाजपा ने दूसरी बार उन पर दांव खेला है। सपा ने पूर्व मंत्री स्वर्गीय जमुना निषाद के बेटे अमरेंद्र निषाद पर दांव लगाया है। कभी सीएम योगी के खासमखास रहे दीपक अग्रवाल बसपा से तो कांग्रेस से सुमन चौहान चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर सबसे अधिक अनुसूचित जाति, निषाद, मुस्लिम, सैंथवार, वैश्य और ब्राह्मण मतदाता हैं।
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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

बांसगांव विधानसभा क्षेत्र

त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे हैं वर्तमान विधायक

बांसगांव विधानसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दिया। भाजपा और सपा के अलावा बसपा के उम्मीदवार भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते नजर आए। अपने-अपने दलों के कैडर वोट के सहारे सभी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मतदाता भी जातीय समीकरणों में उलझे हैं। दलों के समर्थकों को छोड़ अधिकतर मतदाता खामोशी की चादर ताने रहे।

बांसगांव सीट से भाजपा ने वर्तमान विधायक डॉ. विमलेश पासवान को चुनावी मैदान में उतारा है। सपा से डॉ. संजय कुमार, बसपा से रामनयन आजाद, कांग्रेस से पूनम और आप से लालबचन चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं। इनके अलावा कई छोटे दलों के भी उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के दौरान हर बूथ पर भाजपा और सपा के एजेंट मुस्तैदी से डटे नजर आए। बसपा के भी एजेंट बूथों पर उपस्थिति दर्ज कराते रहे। अन्य दलों के एजेंट कम नजर आए।

मतदान स्थलों पर मतदान करने पहुंचे अधिकतर मतदाता कुछ भी बोलने से इनकार करते रहे। हालांकि कइयों ने कहा कि उन्होंने विकास के लिए मतदान किया है। कइयों ने बेरोजगारी और महंगाई को मुद्दा बताया। एक बसपा नेता ने कहा कि बांसगांव में सर्वाधिक मत अनुसूचित जाति के हैं। वह बसपा का परंपरागत मतदाता हैं। उन्हें कोई तोड़ नहीं पाएगा। अन्य पार्टियां दूसरे व तीसरे नंबर के लिए लड़ रही हैं। अन्य दलों के प्रत्याशी मतदान के दिन क्षेत्र में नजर नहीं आए। हालांकि सभी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

खजनी विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत 52.65

मतदाताओं की खामोशियों ने बढ़ाई प्रत्याशियों की धड़कन

मतदाताओं की खामोशी ने खजनी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ा दी है। सुबह से शाम तक वोटिंग का ग्राफ घटता-बढ़ता रहा। इस वजह से विभिन्न इलाकों में मतदान का रुझान पहेली बना रहा। दस मार्च तक अब केवल कयासबाजी होती रहेगी।

बृहस्पतिवार को सुबह से कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतार लग गई। समूह में निकलीं महिलाओं ने कतारबद्ध होकर मतदान किया। प्राथमिक विद्यालय रुद्रपुर में वोट देकर निकले भालचंद ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। हालांकि, अधिकारियों ने उनके आरोप को खारिज कर दिया। इंगलिश मीडियम प्राइमरी स्कूल रकौली में वोटिंग करने पहुंचे रामजानकी मंदिर के पुजारी महात्मा दास ने कहा कि लोकतंत्र के पर्व को हर बार उत्साह से मनाता हूं।

राकेश यादव ने कहा कि सपा काफी बेहतर चुनाव लड़ रही है। वहीं, पूर्व माध्यमिक विद्यालय भरोहिया मतदान केंद्र पर 81 वर्षीय सोमदेई अपने पौत्र के साथ वोट देने पहुंचीं। इसी बूथ पर मतदान करने पहुंचे वीरेंद्र कुमार ने कहा कि खजनी में भाजपा का पलड़ा भारी है। प्राथमिक विद्यालय खड़हुवां में वोटिंग करने पहुंचे मोहम्मद इस्लाम ईवीएम के खराब होने पर नाराज दिखे। क्षेत्र में काफी हद तक जाति के आधार पर मतदान का रुझान रहा। सभी को अब 10 मार्च का इंतजार रहेगा।

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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र का हाल मतदान प्रतिशत 57.44

‘जब सब अपने पर जात बाटे, तब हम कहां जाइब’

चौरीचौरा के मतदाताओं में मतदान के संबंध कोई संशय नजर नहीं आया। वोटर अपनी पसंद के प्रत्याशी के साथ दिखे। हालांकि, खुलकर बोलने से परहेज करते रहे। अमहिया के 70 वर्षीय रामलखन निषाद का कहना था कि ‘जब सब अपने पर जात बाटे, तब हम कहां जाइब।’ उनका इशारा क्षेत्र के जातिगत समीकरण की ओर था।

चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से बूथों पर कतार लग गई थी। चौरीचौरा से नई बाजार जाने वाली सड़क के किनारे स्थित अंवरहिया गांव के बूथ पर सुबह पौने नौ बजे मतदाताओं की भीड़ जुट गई थी। गेट पर खड़े सुरक्षाकर्मी लोगों को मोबाइल फोन लेकर अंदर नहीं जाने की ताकीद कर रहे थे।

झंगहा के नजदीक स्थित प्राथमिक विद्यालय अमहिया प्रथम मतदान केंद्र पर करीब 30 मिनट देरी से मतदान शुरू हुआ। सड़क पर खड़े रामलखन, बृजेश, नगीना साहनी आदि चर्चा में मशगूल थे। जंगल गौरी नंबर एक के रामजतन यादव, रामकृपाल यादव का कहना था कि चुनाव उम्मीदवारों के नहीं, बड़े नेताओं के नाम पर लड़ा जा रहा है।

राजी जगदीशपुर के रमाकांत पासवान, सूर्यभान, प्रमोद निषाद आदि अपनी-अपनी पसंद के उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे थे। फुटहवाइनार चौराहे पर मिले रमाशंकर पांडेय का कहना था कि वोटर अपना मन पहले ही बना चुका था। कहीं किसी प्रकार का संशय नहीं था। मॉडल बूथ सरदारनगर में वोट देकर निकलीं विजयलक्ष्मी का कहना था कि जीत चाहे जिसकी हो, हमने तो अपना काम कर दिया है। इसी बूथ पर बुजुर्ग सुरसती का कहना था कि सुबह वोट देकर खाली हो गए। अब जिसकी किस्मत होगी, वह जीत जाएगा।
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गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत 52.67

सीमाएं बदलीं तो बदल गया मतदान का गणित

गोरखपुर जिले की हॉट सीट चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में सीमाएं बदलीं तो मतदाताओं का नजरिया भी बदल गया। बड़हलगंज और गोला इलाके में भाजपा और सपा में टक्कर दिखी तो उरुवा क्षेत्र में हाथी के चिंघाड़ने से मुकाबला दिलचस्प हो गया। क्षेत्र में सभी राजनीतिक दल अपने परंपरागत वोटरों को सहेजने में कामयाब दिखे। वहीं, ब्राह्मण मतदाताओं में बिखराव की चर्चा रही।
 
चिल्लूपार के गगहा ब्लॉक में भाजपा और सपा के बीच टक्कर दिखी। थोड़ा आगे बढ़ने पर साऊंखोर से लेकर तीहा मुहम्मदपुर में नजारा कुछ अलग था। इसी क्षेत्र में सपा प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी का गांव टाड़ा है। टाड़ा गांव का वोट पूर्व माध्यमिक विद्यालय चैनपुर में पड़ रहा था। यहां कोई गड़बड़ी न होने पाए, इसके लिए प्रशासन की सख्ती ज्यादा थी।

सपा के समर्थक परंपरागत वोटरों को बूथ तक पहुंचाने के साथ ही ब्राह्मण मतों को सहेजने में जुटे रहे। बड़हलगंज कस्बे से लेकर पटनाघाट की ओर सीधेगौर गांव तक भाजपा प्रत्याशी राजेश त्रिपाठी के समर्थक ज्यादा मुखर दिखे। गोला ब्लॉक में भी भाजपा व सपा के बीच मुकाबला नजर आया। ककरही, गोपलापुर बूथ पर भाजपा समर्थकों की सक्रियता अधिक दिखी। उरुवा में बसपा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह पहलवान के समर्थक मुखर रहे। इस इलाके में हाथी की चिंघाड़ने से दूसरे दलों के समीकरण को बिगाड़ते नजर आए।
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