गोरखपुर में मतदान 2022
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पिपराइच- विधानसभा क्षेत्र मतदान प्रतिशत 63.26
मतों का बिखराव बिगाड़ सकता है समीकरण
शहर से सटे पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में मतों का बिखराव प्रत्याशियों का समीकरण बिगाड़ सकता है। नगर पंचायत में भाजपा परंपरागत वोटों के जरिये मजबूत दिखी, जबकि चिलबिलवा, बड़हरिया जैसे इलाकों में मुस्लिम वोटों के सहारे सपा मुकाबले को दिलचस्प बनाती दिखी। बसपा और कांग्रेस परंपरागत वोटों को सहेजने में जुटी रहीं।
पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में लड़ाई भाजपा के महेंद्र पाल सिंह और सपा प्रत्याशी अमरेंद्र निषाद के बीच मानी जा रही है। नगर पंचायत और उसके आसपास के घोघड़ा, ककरहिया, जंगल धूसड़ जैसे सैंथवार, ब्राह्मण बहुल वाले इलाकों में भाजपा को मजबूत माना जा रहा है। जबकि, इससे सटे हसनगंज, भटहट जैसे मुस्लिम और निषाद बाहुल्य इलाकों में सपा को मजबूत बताया गया।
नगर पंचायत कस्बे में वोटों के ध्रुवीकरण की चर्चा रही। दलित वोटों पर सभी दलों की नजरें रहीं। मतदान के अंतिम क्षण तक सभी दल अपने कोर वोटरों को सहेजते दिखे। कई जगहों पर मतदाताओं में बिखराव दिखाई दिया। जंगल तिकोनिया जैसे मलिन बस्ती वाले इलाके में भी समीकरण बेहद पेचीदा दिखाई दिए।
पिपराइच से महेंद्र पाल सिंह मौजूदा विधायक हैं। भाजपा ने दूसरी बार उन पर दांव खेला है। सपा ने पूर्व मंत्री स्वर्गीय जमुना निषाद के बेटे अमरेंद्र निषाद पर दांव लगाया है। कभी सीएम योगी के खासमखास रहे दीपक अग्रवाल बसपा से तो कांग्रेस से सुमन चौहान चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर सबसे अधिक अनुसूचित जाति, निषाद, मुस्लिम, सैंथवार, वैश्य और ब्राह्मण मतदाता हैं।