दिल्ली के मुकाबले, गोरखपुर वायु प्रदूषण के स्थानीय आंकड़ों को देखकर हम थोड़ा खुश हो सकते हैं, लेकिन अपने तौर-तरीकों में सुधार नहीं करेंगे तो इस मामले में ‘दिल्ली दूर नहीं’ है। दरअसल, शहर में लगातार बढ़ती गाड़ियां, निर्माण कार्यों में प्रदूषण रोकने संबंधी मानकों की उपेक्षा, सड़क किनारे की धूल की नगर निगम द्वारा सफाई न करने जैसी प्रवृत्ति के चलते शहर की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है।