बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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एम्स में 17 विभागों की ओपीडी तो शुरू हो गई, लेकिन सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की शुरुआत नहीं हो सकी। इस वजह से एम्स में आने वाले गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से मेडिकल कॉलेज से लखनऊ और दिल्ली रेफर करना पड़ रहा है। एम्स में करोड़ों रुपये की एमआरआई, सीटी स्कैन, कैंसर जांच, रेडियोथेरेपी की मशीनें लग गई हैं, लेकिन इनकी सेवाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। कुल मिलाकर एम्स केवल सामान्य मरीजों के इलाज तक सीमित रह गया है।