अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) प्रबंधन इन दिनों लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारी में व्यस्त है और दूसरी ओर जालसाज इस मौके का फायदा उठाकर, एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने में मस्त हैं। पीएम मोदी को सात दिसंबर को एम्स का लोकार्पण करना है, इसलिए एम्स में तेजी से 315 सफाईकर्मियों की भर्ती होनी है। यह बताकर जालसाज बेरोजगारों को फंसा रहे हैं। इस संबंध में एम्स निदेशक सुरेखा किशोर का कहना है कि न तो सफाईकर्मियों की नियुक्ति के लिए कोई वेकेंसी निकाली गई है, न ही किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
फर्जीवाड़े की भनक पर शुक्रवार को मामले की गहराई से पड़ताल की गई। जैसी जानकारी मिली उसके मुताबिक, भर्ती के लिए पॉयोसॉफ्ट इंफार्मेशन टेक्नोलजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी ने तारामंडल सेल टैक्स ऑफिस कटरे के प्रथम तल पर दफ्तर खोला है। दोपहर लगभग तीन बजकर 15 मिनट पर पड़ताल करने वाली टीम इस ऑफिस में पहुंची। दफ्तर में पांच लोग खुद को जिम्मेदार बताकर लोगों से आवेदन फार्म ले रहे थे। दो महिला कर्मचारी भी थीं।
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प्रकाश ने अपने मोबाइल में लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) भी दिखाया।
- फोटो : अमर उजाला।
सभी खुद को गोरखपुर या आसपास के इलाके का होने का दावा कर जरूरतमंदों को गारंटी से एम्स में नौकरी दिलवाने की बात कह रहे थे। संवाददाता ने अपना छद्म नाम बताकर वहां मौजूद एक व्यक्ति से गार्ड की भर्ती के लिए पूछा। उस शख्स ने कहा कि हमारे यहां गार्ड की नहीं सफाईकर्मी की भर्ती हो रही है। नाम पूछने पर उसने खुद का नाम नहीं बताया, मगर कहा कि यह फर्म गौरव सिंह की है। उन्हें एम्स में 315 पदों पर सफाईकर्मी की आउटसोर्सिंग का टेंडर मिला है। वहीं पता चला कि गौरव तारामंडल स्थित होटल शिवम में रुका है।
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कंपनी ने तारामंडल सेल टैक्स ऑफिस कटरे के प्रथम तल पर दफ्तर खोला है। आसपास के दुकानदारों ने इसे दुकान संख्या छह बताया।
- फोटो : अमर उजाला।
कहानी का असली किरदार होटल में, 200 लोगों से आवेदन की बात स्वीकारी
पड़ताल करने वाली टीम होटल भी पहुंची। वहां गौरव सिंह तो नहीं मिले, मगर उसी कंपनी से जुड़े प्रकाश यादव मिले। वह कमरा नंबर 102 में रुके हैं। उनसे बातचीत में पूरा माजरा खुल कर सामने आ गया। प्रकाश ने इसी सोमवार से बुधवार तक 30 लोगों की भर्ती करवाने का दावा भी कर दिया। बताया कि अभी तक 200 लोगों ने आवेदन किया है। एम्स की तरफ से एलओआई (लेटर ऑफ इंटेंट) मिल गया है। फर्म का नाम भी बताया। उन्होंने भर्ती करवाने का पूरा आश्वासन दिया। कहा कि कर्मचारी मजबूत होना चाहिए (भोजपुरी में)। हंसते हुए कहा कि प्रसाद न दिहें का, ऊ त होबे करी, लेकिन पहले पांच दस जन जौन आपन होंखे उनके भर्ती करवइले के काम बा। ओखरे बार दूसरा बेरी में आगे के बातचीत हो जाई, सबकर कुछ न कुछ न भला हो जाए और का। कहा कि सोमवार से मंगलवार को पहली खेप भर्ती करवा दी जाएगी। इसके बाद साफ सफाई वाले संसाधनों का इंतजाम एम्स करेगा। इसके बाद अगले 30 लोगों की भर्ती होगी। उसने अपने मोबाइल में एलओआई भी दिखाया। मांगने पर नहीं दिया, लेकिन विश्वास में लेने पर कितने लोगों की भर्ती होनी है, इसकी फोटो खींचने को दे दी।
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गोरखपुर में इसी आरएमआरसी लैब और एम्स का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला।
सात को एम्स का लोकार्पण करेंगे पीएम, और भर्ती के नाम पर खेल
एक तरफ एम्स और आरएमआरसी की नौ लैब का लोकार्पण सात दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। जालसाजों ने इसी को आधार बनाया है और प्रचारित कर रहे हैं कि लोकार्पण की वजह से जल्दी-जल्दी भर्ती की जा रही है। यह बात बेरोजगारों के गले उतर जा रही है। एम्स में भर्ती के नाम पर जब तब धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते हैं। मुकदमे भी दर्ज हुए हैं और गिरफ्तारियां भी हुईं हैं। लेकिन, इतने बड़े पैमाने पर भर्ती के नाम पर जालसाजी पहली बार हो रही है। पड़ताल में इसकी पर्तें खुल चुकी हैं। हां, इसकी भनक अब तक स्थानीय पुलिस या एलआईयू वालों को क्यों नहीं लगी यह अचरज की बात है।
कोई वेकेंसी नहीं निकली, सरासर जालसाजी
एम्स निदेशक डॉक्टर सुरेखा किशोर ने बताया कि ऐसी कोई वेकेंसी नहीं निकाली गई है। एम्स प्रबंधन की ओर से आउटसोर्सिंग पर 315 सफाईकर्मियों की भर्ती का टेंडर किसी भी फर्म को नहीं दिया गया है। एम्स में नौकरी के नाम पर ठगी की सूचना पहले भी मिलती रही है। हमने तो गेट के बाहर सूचना भी चस्पा कर दी है कि नौकरी के नाम पर किसी के झांसे में न आएं। कोई नौकरी दिलवाने का दावा करता है तो प्रबंधन से शिकायत करें, मगर कोई शिकायत लेकर आता नहीं। आश्चर्य होता है कि लोग ऐसे किसी के झांसे में कैसे आ जाते हैं।