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तस्वीरें: 52 एकड़ में फैला है इस मंदिर का परिसर, देश-विदेश से मन्नत मांगने आते हैं लोग

Fri, 04 Jun 2021 04:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
गुरु गोरक्षनाथ की तपोस्थली गोरखनाथ मंदिर देश-विदेश के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र तो है ही भीम सरोवर, लाइट एंड साउंड प्रर्दशन, संस्कृत महाविद्यालय, गौशाला दर्शनीय स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इस विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल के परिसर में स्थित दर्शनीय स्थल प्रति वर्ष लगने वाले एक माह के खिचड़ी मेले को उत्तर प्रदेश टूरिज्म विभाग की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जाए तो पयर्टकों की संख्या और भी बढ़ सकती है।

गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र और पीठ है। नाथ संप्रदाय परंपरा के अनुसार इस स्थान की ऐतिहासिकता त्रेता युग तक जाती है। भगवान शिव के साक्षात अवतार कहे जाने वाले गुरु गोरक्षनाथ ने त्रेता युग में इसी स्थान को अपनी तपोस्थली बनाया। गुरु गोरक्षनाथ ने राप्ती तट पर जिस जगह तपस्या की और अपनी दिव्य समाधि लगाई उस जगह गोरखनाथ मंदिर की स्थापना की गई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी के मुताबिक, वर्तमान में 52 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में आस्था और दर्शन के अनेक स्थल हैं। इनमें अखंड धूनी दर्शनीय है, यह त्रेता युग में गुरु गोरक्षनाथ के समय से जल रहा है, इसकी राख ही प्रसाद है।   
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गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित भीम सरोवर। - फोटो : अमर उजाला।
भीम सरोवर, मान्यता है कि महाभारत काल में एक यज्ञ आयोजित कराने वाले पांडवों के बड़े भाई भीम गुरु गोरक्षनाथ को आमंत्रण देने आए थे। भीम जिस जगह रुके वहां सरोवर है, यहां रोजाना सैकड़ों लोग दर्शन करने आते हैं। 

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गोरखनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर के भीतर गुरु गोरक्षनाथ की संगमरमर की ध्यानावस्था मूर्ति, चरण पादुकाएं तो आस्था का केंद्र हैं ही उनके अलावा गणेश मंदिर, काली माता स्थान, कालभैरव और शीतला माता मंदिर स्थित हैं। भगवान शिव का दिव्य शिवलिंग मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, हट्टी माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, श्रीराम दरबार, श्रीनवग्रह देवता, श्रीशनि देवता, भगवती बालदेवी, भगवान विष्णु का मंदिर भी दर्शनीय स्थल हैं।
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गोरखनाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि नाथ संप्रदाय के अनुयायी, भारत, नेपाल, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन आदि देशों में हैं। देश भर में नाथ संप्रदाय के जितने भी आस्था केंद्र हैं उनका नेतृत्व गोरखनाथ मंदिर ही करता है। गुरु गोरखनाथ मंदिर के अलावा यहां नाथ पंरपरा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो, यहां का संस्कृत महाविद्यायल, अद्भुत गौशाला भी दर्शनीय हैं।
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