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लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी खाद कारखाना की टरबाइन, 700 लोगों को मिलेगा रोजगार, तस्वीरें

Tue, 28 Apr 2020 11:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर खाद कारखाना की टरबाइनें। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर-कुशीनगर फोरलेन पर 252 और 192 पहियों वाले ट्रेलर पर रखीं भारी-भरकम टरबाइनें लोगों के कौतुहल का विषय बनी हुई हैं। इनमें एक टरबाइन 575 टन तो दूसरी 330 टन की है। इन्हें गुजरात से कोलकाता, हल्दिया होते हुए छपरा तक स्थित बंदरगाह तक जल मार्ग से लाने में 62 दिन लग गए।
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इन टरबाइनों का वजन बहुत अधिक है। - फोटो : अमर उजाला।
इनकी लंबाई व वजन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन्हें लेकर छपरा से कुशीनगर तक सड़क मार्ग से पहुंचने में दो ट्रेलरों को 44 दिन लग गए। 50 लोगों के स्टाफ के साथ दोनों ट्रेलरों के चालक 12 मार्च को इन टरबाइनों को लेकर छपरा से चले थे।
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सड़क मार्ग से टरबाइनों को पहुंचाया जा रहा है गोरखपुर। - फोटो : अमर उजाला।
हिंदुस्तान उवर्रक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित का कहना है कि वर्तमान में यह टरबाइनें कुशीनगर में हैं। हाटा-कप्तानगंज, परतावल होते हुए एक सप्ताह में इनके गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि गुजरात से चार टरबाइनें चली थी। विशेष ट्रेलर से दो टरबाइन पहले लाई जा रही हैं। इन्हें पहुंचाने के बाद यही ट्रेलर बाकी बची दो टरबाइन को भी छपरा से लाएंगे। उनके डेढ़ से दो महीने में कारखाना पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

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टरबाइनों का वजन अधिक होने के कारण इन्हें पुल पार करने में मुश्किल आ रही है। - फोटो : अमर उजाला।
दोनों ट्रेलर एक दिन में 10 से 12 किलोमीटर ही चल पा रहे हैं। सड़क मार्ग पर सर्वाधिक दिक्कत पुल को क्रास करते वक्त हो रही है।  कुशीनगर के पहले कुकुत्था नदी पर फोरलेन पर बने पुल से दोनों ट्रकों को ले जाने के बजाय इन्हें पुल के नीचे अस्थायी सड़क बनाकर लाया गया। इसी तरह गंडक नदी पर बने हेतिमपुर पुल के नीचे बनाए जा रहे अस्थायी पुल से इन्हें लाना पड़ा।
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गोरखपुर खाद कारखाना। - फोटो : अमर उजाला
खाद कारखाने में जिले के 700 मजदूरों को मिलेगा रोजगार
सरकार से छूट मिलने के बाद 20 अप्रैल से खाद कारखाने का काम फिर से शुरू हो गया है। वर्तमान में करीब 1300 मजदूर काम कर रहे हैं। उधर लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रांतों से आए मजदूरों को भी कारखाने में काम दिलाने को लेकर जिला प्रशासन प्रयासरत है। एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को जिला प्रशासन से वार्ता हुई है। कारखाने में जिले के 700 मजदूरों को काम दिया जाएगा।
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