फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबर: दो जलाशयों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगा GDA, होगा कायाकल्प

Tue, 22 Nov 2022 01:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

जीडीए ने सर्किट हाउस के सामने और रामगढ़ताल के सामने बौद्ध संग्रहालय तक फैले जलाशय के विकास के लिए पांच दिसंबर तक ईओआई मांगी है। रामगढ़ताल से 50 मीटर के दायरे में कोई पक्का निर्माण नहीं होगा। इच्छुक फार्मों को 15 साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। पांच साल के लिए और बढ़ाया जा सकेगा।
विज्ञापन
1 of 5
जलाशय। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर सर्किट हाउस के सामने 6.50 एकड़ में फैले जलाशय को जीडीए पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित करेगा। इसके सुंदरीकरण के साथ मनोरंजन के संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जलाशय के किनारे पैदल चलने के लिए रास्ता बनाया जाएगा। इसी तरह नया सवेरा के पास स्थित जलाशय का भी सुंदरीकरण किया जाएगा, ताकि पर्यटन की गतिविधियां संचालित की जा सकें।  

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) पहले खुद ही दोनों जलाशयों को पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित करने वाला था। जुलाई माह में योजना भी तैयार की थी, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ सकी। अब इसे पीपीपी मोड पर विकसित करने का निर्णय लिया है। इच्छुक फर्म से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) मांगा गया है।


 
विज्ञापन

2 of 5
जलाशय। - फोटो : अमर उजाला।
जीडीए के मुताबिक, सर्किट हाउस के सामने स्थित जलाशय के 50 फीसदी हिस्से में संगीतमय फव्वारा और नौका विहार की सुविधा दी जाएगी। आधे हिस्से को अतिक्रमण से बचाने के लिए चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसके चारों ओर आकर्षक व सुंदर पौधे लगाए जाएंगे। प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। विभिन्न तरह की दुकानों के लिए जगह बनाई जाएगी। पर्यटक अपने वाहन खड़ा कर सकें इसके लिए पार्किंग बनाई जाएगी, जिसकी क्षमता 20 कार और 50 बाइक की होगी। एक मनोरंजन उद्यान बनाया जाएगा। इसमें बच्चों के खेलने के लिए सुविधा और स्थान सुरक्षित किया जाएगा। एक टिकट घर भी बनाया जाएगा।
 
विज्ञापन

3 of 5
रामगढ़ताल का प्रवेश द्वार। - फोटो : अमर उजाला।
इसी तरह, नया सवेरा के पास स्थित जलाशय का भी पर्यटन के लिहाज से विकास किया जाएगा। वाणिज्यिक भूमि का इस्तेमाल कर नौका विहार, खाने-पीने की दुकानें, मनोरंजन उद्यान आदि विकसित किए जाएंगे, ताकि पर्यटन से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा सकें। इससे न केवल जीडीए की आय में इजाफा होगा, बल्कि लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

4 of 5
गोरखपुर विकास प्राधिकरण। - फोटो : Social Media
पांच दिसंबर तक दे सकेंगे ईओआई
जीडीए ने सर्किट हाउस के सामने और रामगढ़ताल के सामने बौद्ध संग्रहालय तक फैले जलाशय के विकास के लिए पांच दिसंबर तक ईओआई मांगी है। रामगढ़ताल से 50 मीटर के दायरे में कोई पक्का निर्माण नहीं होगा। इच्छुक फार्मों को 15 साल के लिए लाइसेंस मिलेगा। पांच साल के लिए और बढ़ाया जा सकेगा। दोनों ही परियोजनाओं में तरल एवं ठोस कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी संचालकों की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि रामगढ़ताल के आसपास रोजगार एवं पर्यटन विकास की संभावनाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में ताल के सामने स्थित दो वाटर बॉडी (जलाशय) को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा। पांच दिसंबर तक ईओआई आमंत्रित की गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें