फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रद्धा-आयुषी हत्याकांड: एक को प्रेमी तो दूसरी को पिता ने मारा, क्या है वो वजह जो अपनों को ही बना रही कातिल?

Mon, 21 Nov 2022 06:09 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 15
मृतका श्रद्धा वालकर और आयुषी - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में श्रद्धा वालकर हत्याकांड के बाद आयुषी यादव की हत्या ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। दोनों ही वारदातों में जिस तरह लड़कियों को उनके बेहद करीब के लोगों ने मारा, उसने सबको स्तब्ध कर दिया। श्रद्धा जहां 27 साल, वहीं आयुषी महज 21 साल की थी। दोनों ही लड़कियों ने अपने सपने देखने शुरू ही किए थे। श्रद्धा का कत्ल उसके प्रेमी ने किया, जबकि उन दोनों ने ही साथ रहने का फैसला लिया था। आयुषी की जान उसके पिता ने ली, जिनकी उंगली पकड़कर वह चलना सीखी थी। वहीं सामने आया है कि दोनों ही मामलों में विश्वास की कमी के चलते दोनों लड़कियों की हत्या की गई। श्रद्धा और आफताब के बाद आयुषी के पिता में भी अपनी बेटी के प्रति विश्वास की कमी देखने को मिली।
विज्ञापन

2 of 15
मृतका श्रद्धा - फोटो : फाइल फोटो

श्रद्धा वालकर हत्याकांड--

27 वर्षीय श्रद्धा वालकर की हत्या के मामले में उस प्रेमी ने ही उसे बेइंतहा दर्द और रूह कांपा देने वाली मौत दी, जिसे उसने अपना सबकुछ सौंप दिया था। इसके बाद भी श्रद्धा की हत्या करते समय उसके हाथ-पांव न कांपे। बता दें कि आरोपी की पहचान मुंबई निवासी आफताब अमीन पूनावाला (28) के रूप में की गई है, जिसे मृतका श्रद्धा के पिता की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया।श्रद्धा के पिता विकास मदान वालकर (59) ने आठ नवंबर को अपनी बेटी के अपहरण का मामला दिल्ली के महरौली थाने में दर्ज कराया था।

विज्ञापन

3 of 15
मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने पुलिस को जानकारी दी कि वह महाराष्ट्र के पालघर में रहते हैं। उनकी बेटी श्रद्धा मुंबई के मलाड में एक कॉल सेंटर में काम करती थी जहां उसकी आफताब से मुलाकात हुई। दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों लिव-इन में रहने लगे। जब दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी परिजनों को लगी तो उन्होंने विरोध किया। इसके बाद दोनों अचानक मुंबई छोड़ दिल्ली में आकर रहने लगे थे।

4 of 15
मृतका श्रद्धा - फोटो : अमर उजाला
आरोपी आफताब पूनावाला ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने श्रद्धा के सिर समेत शरीर के कई टुकड़ों को फ्रिज में पांच महीने से ज्यादा समय तक रखा था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी इसकी पुष्टि हुई है। शव के कुछ टुकड़े उसने हत्या करने के बाद ही फेंक दिए थे। जबकि श्रद्धा के शव को दो दिन घर में रखा था। एक दिन श्रद्धा का शव कमरे में ही पड़ा रहा था। शव के नजदीक बैठकर उसने खाना खाया था। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने श्रद्धा के शव के सिर्फ 16 टुकड़े किए थे। इस दौरान पहले की तरह वह मुस्कुराता रहा, जिससे साफ है उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
विज्ञापन

5 of 15
मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
रात आठ बजे श्रद्धा को उतारा था मौत के घाट
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी आफताब ने बताया है कि उसने श्रद्धा की रात आठ बजे हत्या की थी। श्रद्धा का शव एक दिन कमरे में पड़ा रहा। श्रद्धा की हत्या करने के बाद वह बीयर लेकर आया और खाना मंगाकर खाया। इसके बाद इसने नेटफ्लिक्स पर पूरी रात फिल्म देखी थीं।
विज्ञापन

6 of 15
मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
हत्या के अगले दिन बाथरूम में रखा था शव
अगले दिन उसने श्रद्धा के शव को बाथरूम में रख दिया था। शव एक दिन बाथरूम में पड़ा रहा। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि इसके बाद उसने श्रद्धा के शरीर के कुछ टुकड़े पॉलिथीन में पैक कर जंगल में फेंक दिए थे। श्रद्धा का सिर, धड़, पैरों के पंजे और हाथों की उंगुलियों को फ्रीज में पॉलिथीन में पैककर रख दिया था। आरोपी का कहना है कि उसे इन शव के टुकड़ों को फेंकने का मौका नहीं मिला था।
विज्ञापन

7 of 15
मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
इसलिए फेंक नहीं पाया श्रद्धा के शव के टुकड़े
श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसकी गुरुग्राम स्थित कॉल सेंटर में नौकरी लग गई थी। वह कॉल सेंटर में रात में नौकरी करता था। दिन में उसकी दिल्ली वाली महिला दोस्त आ जाती थी। इस कारण वह शव के टुकड़ों को फेंक नहीं पाया।

8 of 15
श्रद्धा वालकर - फोटो : फाइल फोटो
अक्तूबर महीने में बचे शव के टुकड़ों को फेंका था जंगल में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने शव के इन टुकड़ों को अक्तूबर महीने की शुरूआत में जंगल में फेंका था। पुलिस के विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि आरोपी के अक्तूबर महीने में जंगल जाते हुए सीसीटीवी फुटेज मिली है।

9 of 15
ayushi murder case - फोटो : अमर उजाला

आयुषी यादव हत्याकांड---

बीसीए की छात्रा आयुषी की उसके पिता ने ही गोली मारकर हत्या की, फिर उसके शव को यमुना एक्सप्रेस की सर्विस रोड पर ट्रॉली बैग में पैक कर फेंक दिया। इस मामले में घर वालों ने बेटी की गुमशुदगी भी दर्ज नहीं कराई थी। जब पुलिस मृत छात्रा के घर पहुंची तो उसका पिता वहां नहीं था। बाद में पुलिस ने उसे खोज लिया। रविवार देर रात पूछताछ में जब पिता ने बेटी की हत्या करने की बात कबूल की तो पुलिस के लिए हत्या से जुड़े साक्ष्य एकत्र करने में आसानी हो गई। देर रात ही पुलिस की टीम हत्या स्थल और लाश को ले जाने में इस्तेमाल की गई कार, जिस हथियार से गोली चलाई गई थी, उसे अपने कब्जे में लेने आदि कार्य में जुट गई। 18 नवंबर की सुबह यमुना एक्सप्रेस की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास झाड़ियों में ट्रॉली बैग मिला था। ट्रॉली बैग में युवती की लाश थी।

10 of 15
आयुषी की मां और भाई - फोटो : अमर उजाला
इसके 48 घंटे में ही पुलिस मृतका के घर तक पहुंच गई। मृतका की पहचान रविवार की देर शाम मां और भाई ने की। पुलिस अब इस मामले में जांच की बात कह कर चुप्पी साधे हुए है। हालांकि शुरुआत में ही पुलिस को लाइन मिल गई थी कि हत्यारोपी पिता ही है।

11 of 15
मृतका की मां और भाई को लेकर जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इसी कारण दिल्ली के मोड़ बंद से पिता, भाई और मां को पुलिस टीमें साथ लेकर आईं, लेकिन पिता को पोस्टमार्टम गृह तक नहीं लाई। केवल निजी कार में थाना राया के प्रभारी निरीक्षक ओम हरि वाजपेयी, एसआई विनय कुमार और एक सिपाही के साथ केवल बृजबाला और भाई आयुष को ही लाया गया।

12 of 15
आयुषी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
17 नवंबर को लापता हो गई थी आयुषी
खास बात यह भी है कि आयुषी 17 नवंबर को ही लापता हो गई थी, इसकी कहीं भी गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई थी। वहीं, हत्या के बाद पिता भी घर से कहीं चला गया था। अनुमान है कि पुलिस आज इस पूरे घटनाक्रम से सब पहुलओं से पर्दा उठाएगी।

13 of 15
मृतका का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आयुषी का शव देख फूट-फूटकर रोए भाई और मां
पोस्टमार्टम गृह पर राया पुलिस के साथ पहुंची मां और भाई ने चेहरा ढक रखा था। जैसे ही पोस्टमार्टम गृह के अंदर कमरे में जाते ही पुलिस ने फीजर को खोला तो लाश देखते ही मां और भाई बिलख पड़े। जोर-जोर से बिलखते हुए मां और बेटे एक दूसरे के गले लग गए। 10 मिनट बाद दोनों बाहर आए। 

14 of 15
सूटकेस में मिला युवती का शव - फोटो : अमर उजाला
मीडिया कर्मी ने उनसे सवाल पूछे तो दोनों ने कुछ नहीं बताया। ऐसा लग रहा था कि पुलिस ने उन्हें बोलने के लिए मना ही कर दिया हो। आयुषी के पिता नीतीश मूल रूप से गोरखपुर जिले के गांव सुनारी का रहने वाला है। वह कई वर्षों से दिल्ली के गांव मोड़ बंद में परिवार के साथ रह रहा है। नीतीश की इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है। वहीं आयुषी बीसीए की छात्रा थी। आयुषी की हत्या क्यों की, इस पर अभी राज बरकरार है।
विज्ञापन

15 of 15
सूटकेस में मिला युवती का शव - फोटो : अमर उजाला
17 नवंबर की दोपहर को की गई आयुषी की हत्या 
सूत्रों के अनुसार, आयुषी की हत्या 17 नवंबर दोपहर को ही कर दी गई थी। इसके बाद उसके शव को घर पर ही रखा गया। यह सबकुछ परिवार के अन्य सदस्यों के सामने ही हुआ। रात का इंतजार किया गया और पिता ट्रॉली बैग में बेटी की लाश लेकर यमुना एक्सप्रेसवे की तरफ निकला। रास्ते में लाश फेंकने का मौका नहीं मिला। मथुरा के राया आकर उसने बैग को देर रात फेंक दिया। 18 नवंबर को सुबह 11:00 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि यमुना एक्सप्रेस वे किनारे बैग पड़ा है, जिसमें से खून रिस रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें