हादसे के बाद घायल बच्चों को देखने के लिए जुटे लोग व पुलिस।
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गांव के लोग और रिश्तेदार आरिफ की मां और उसकी दोनों बहनों को समझाने में जुटे थे, लेकिन उसके आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। सुल्तान अहमद पुत्र अजमत अली भी अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई सोनू 20 वर्ष, मोनू 18 वर्ष और बहन रेहाना 16 वर्ष का रो-रो कर बुरा हाल था। सुल्तान की मौत मंगलवार की रात में ही हो गई थी, लेकिन उसकी मां को हृदय रोग है। इसलिए लोगों ने उसकी मौत की खबर छुपाए रखा और बुधवार देर शाम को उसे बताया गया। बेटे की मौत की खबर से मां के ऊपर मानों पहाड़ टूट पड़ा। इसी तरह तौसीफ पुत्र स्वर्गीय साबिर अली तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से विधवा मां का रो-रोकर बेहाल थी। बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा था। तीनों परिवारों पर छाया मातम को देख कर गांव का हर शख्स गमजदा था। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद गांव के बच्चे अपने साथियों को खो देने के सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।