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विदेशी मेहमानों को पसंद आई इस गांव के लोगों की मेहमान नवाजी, बोले- 'फिर मिलेंगे'

Mon, 21 Sep 2020 02:59 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
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फ्रांसीसी परिवार - फोटो : अमर उजाला।
विदेशी मेहमानों को यूपी के महराजगंज के कोल्हुई उर्फ सिंहोरवां गांव के लोगों की मेहमान नवाजी खूब पसंद आई। करीब 25 दिन बाद फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य गांव में पहुंचे तो लोग खुशी से गदगद हो उठे। उनकी टूटी फूटी हिंदी एवं भोजपुरी भाषा सुनकर लोग फूले नहीं समा रहे। विदेशी मेहमान भी लोगों का स्नेह पाकर खुश हैं। उन्हें एक पल के लिए भी ऐसा नहीं लग रहा है कि वे अपने देश में नहीं हैं।

 
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फ्रांसीसी परिवार - फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि शनिवार की देर शाम को पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां प्राथमिक विद्यालय परिसर में विदेशी मेहमान पहुंचे। फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैट्रिक जोसेफ पैलेरस, वर्गनी कार पैलेरस, बेटी ओफली व लोला जेनिफर, बेटा टाम पैलेरस व गाइड संजय यादव एक साथ गांव में आए। रात में प्राइमरी स्कूल में फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य रहे। रविवार की सुबह सभी गाइड संजय के घर पहुंचे। यहां उनकी जमकर खातिरदारी की गई। वहीं फ्रांसीसी परिवार की ओर से गाइड संजय यादव को फ्रांस आने का न्योता भी दिया।
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मंदिर में ग्रामीणों के साथ फ्रांसीसी परिवार। - फोटो : अमर उजाला।
गाइड संजय यादव ने बताया कि विदेशी मेहमानों की हर संभव मदद की। परिवार के सभी सदस्यों को हिंदी समझ में आती है। इन छह महीनों में उनका बेहतर ढंग से मार्गदर्शन कर निष्ठा के साथ उनकी समस्याओं को दूर करता रहा, जिससे वे काफी खुश हैं। गांव आए तो उनकी सेवा सत्कार बेहतर ढंग से किया। इससे हमारे देश की छवि उनके जेहन में अच्छी है।

बातचीत में फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्यों ने बताया कि भारत जैसा अतिथि सत्कार कहीं नहीं मिला। यहां अतिथि देवो भवः की भावना स्पष्ट रुप से दिखी। फ्रांसीसी परिवार के लोग सबके साथ इस कदर घुल मिल गए हैं कि लगता ही नहीं है कि वह अन्य जगह से आए हैं। इनके वापस आने पर गांव के लोग मिलने पहुंच रहे हैं।

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कोल्हुआ में फिर पहुंचा फ्रांसीसी परिवार - फोटो : अमर उजाला
सोमवार रात को जाएंगे दिल्ली
पुरंदरपुर थानाध्यक्ष शाह मोहम्मद ने बताया कि फ्रांसीसी परिवार सोमवार की रात को दिल्ली जाने के बारे में जानकारी दी है। उनके द्वारा सूचना दिया गया है कि वे दिल्ली से म्यांमार जाएंगे। उत्तराखंड भ्रमण के बाद साथ गए गाइड को उसके गांव छोड़ने आए थे। उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिस कर्मियों को लगाया गया है।

कहां-कहां भ्रमण किया फ्रांसीसी परिवार
बीते 26 अगस्त 2020 को फ्रांसीसी परिवार दिल्ली गया था। जहां से उत्तराखंड के पर्यटक स्थल कैंपटीफाल, नैनीताल, भीम ताल, नौकुचियाताल, मसूरी, ऋषिकेष, केदारनाथ, बद्रीनाथ, नीलकंठ, हरिद्वार समेत दर्जनों स्थलों का भ्रमण किए। फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैट्रिक जोसेफ पैलेरस ने बताया कि कार व कुत्ते को फ्रांस भेजने की कोशिश की लेकिन व्यवस्था नहीं बन सकी।

 
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गांव में समय काटते फ्रांसीसी परिवार। - फोटो : अमर उजाला।
अपने जैसे लगते हैं विदेशी मेहमान
कोल्हुई उर्फ सिहोंरवां मंदिर के पुजारी उदयराज दास ने बताया कि करीब 6 माह से परिवार के ठहरे होने के कारण लोगों से अपनापन जैसा लगने लगा है। ऐसे में इनके वापस आने से बहुत खुशी हुई है।

मकैनिक की पत्नी को दिया उपहार
फ्रांसीसी परिवार पेशे से मकैनिक हरिकेश यादव के घर पहुंचा। जहां उसे व उसकी पत्नी को उपहार दिया। विदेशी मेहमानों से उपहार पाकर सभी खुशी से गदगद हो उठे।

 
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फ्रांस के टूलूज शहर से आया है फ्रांसीसी परिवार। - फोटो : अमर उजाला।
करीब पांच माह फ्रांसीसी परिवार गांव में रहा
फ्रांस के टूलूज शहर से देशाटन पर निकला फ्रांसीसी परिवार 1 मार्च 20 को बाघा बार्डर होते हुए भारत में आया। जिन्हें भारत भ्रमण के बाद नेपाल जाना था। लेकिन कोराना संक्रमण के कारण नेपाल सीमा सील होने की दशा में परिवार कोल्हुआ उर्फ सिंहोंरवा स्थित एक मंदिर में 22 मार्च 2020 को अपना आशियाना बना लिया।

इसके बाद वीजा अवधि बढ़ाने को लेकर दिल्ली दूतावास संपर्क करने के दौरान ही बीते 13 अगस्त 2020 को फ्रांसीसी युवती ओफली पैलेरस की तबियत अचानक बिगड़ गई। जांच में उसमें डेंगू का लक्षण पाया गया। 19 अगस्त 2020 को युवती के स्वस्थ होने के बाद डॉक्टर द्वारा एक सप्ताह बाद स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बुलाया गया था। उसके बाद 26 अगस्त 2020 गोरखपुर पहुंचे। वहां से दिल्ली चले गए थे। करीब पांच माह फ्रांसीसी परिवार गांव में रहा।
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