पटाखा फैक्टरी में धमाका। (फाइल फोटो)
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दरअसल, कुशीनगर जिले के निवासी जावेद का पटाखा बनाने का पुश्तैनी धंधा था। उसके पिता अनवर भी पटाखा बनाते थे। उनकी मौत के बाद जावेद भी इसी धंधे में लग गया था। संकरी गली में स्थित अपने मकान में ही इस अवैध कारोबार में लगे जावेद को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि बारूद की ढेर पर बैठकर वह अपने परिवार के लोगों के लिए भी कितना बड़ा संकट खड़ा कर रहा है।