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Exclusive: मां ने दिया हौसला तो बेटी तूलिका ने छू लिया आसमान, कॉमनवेल्थ गेम में जीती चांदी

Thu, 04 Aug 2022 02:47 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।

सार

देश को पहली बार कॉमनवेल्थ जूडो में अब तक तीन पदक मिले हैं। इसमें से दो पदक गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने हासिल किए हैं। विजय ने पुरुष वर्ग के सबसे कम भार वर्ग 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया है। तूलिका ने महिलाओं के सबसे अधिक भारवर्ग 78+ में रजत पदक हासिल किया है।
 
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तूलिका मान - फोटो : अमर उजाला।
इंग्लैंड के बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में बुधवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की एक और जूडो खिलाड़ी तूलिका मान ने रजत पदक हासिल कर इतिहास बनाया है। इससे पहले विजय कुमार यादव ने भी जूडो में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया है। पहली बार गोरखपुर विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में दो पदक हासिल कर कीर्तिमान बनाया है।

देश को पहली बार कॉमनवेल्थ जूडो में अब तक तीन पदक मिले हैं। इसमें से दो पदक गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने हासिल किए हैं। विजय ने पुरुष वर्ग के सबसे कम भार वर्ग 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया है। तूलिका ने महिलाओं के सबसे अधिक भारवर्ग 78+ में रजत पदक हासिल किया है।

 
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तूलिका मान। - फोटो : अमर उजाला।
तूलिका की उपलब्धि पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह, विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के पदाधिकारियों समेत खेल प्रेमियों ने शुभकामनाएं दी हैं। तूलिका की सफलता पर गुरुकुल पीजी कॉलेज ददरी में देर रात जश्न मनाया गया। निदेशक डॉ बिपिन शाही ने लोगों का मुंह मीठा कराकर तूलिका को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

 
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तूलिका मान। - फोटो : अमर उजाला।
जूडो खिलाड़ी तूलिका मान ने रजत पदक जीत कर किया मां के सपनों को साकार 
मां से हौसला मिलने के बाद बेटी ने आसमान छू लिया। राष्ट्रमंडल खेल में जूडो खिलाड़ी तूलिका मान ने रजत पदक जीत कर मां के सपनों को साकार किया है। वर्ष 2015 में जब पिता का असामयिक निधन हुआ, तो तूलिका को गहरा आघात लगा था। ऐेसे समय में मां ने बेटी को टूटने से बचाया और हौसला दिया। गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा तूलिका के पदक हासिल करने से गोरखपुर का भी मान बढ़ा है।  

 

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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के आचार्य प्रो. विजय कुमार चहल ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल करने वाली तूलिका मान ने कभी खिलाड़ी बनने के बारे में सोचा भी नहीं था। छह वर्ष की उम्र में तूलिका घर के पास स्थित एकेडमी में व्यवसायी पिता के साथ मैच देखने जाती थीं। धीरे-धीरे उनकी रुचि खेल में बढ़ी, तो पिता ने प्रशिक्षण के लिए भेजना शुरू किया। बारहवीं पास करने के बाद तूलिका ने पंजाब विश्वविद्यालय की तरफ से खेलना शुरू किया। लेकिन, उन्हें जो मार्गदर्शन चाहिए था वह नहीं मिला।

 
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तूलिका मान। - फोटो : twitter- @India_AllSports
इस दौरान अपने सीनियर विजय यादव की सलाह पर गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध गुरुकुल पीजी कॉलेज में प्रवेश लेकर खेल पर फोकस किया। धीरे-धीरे कई अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में पदक हासिल किया। हाल ही में कानपुर में आयोजित ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी जूडो महिला में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इससे पहले सीनियर नेशनल और साउथ एशियन जूडो में सुनहरी चमक बिखेरी है। दिल्ली पुलिस में कार्यरत मां अमृता सिंह के साथ तूलिका दिल्ली के राजौरी गार्डन में रहती हैं। दिल्ली में ही अपने कोच अर्जुन अवार्डी यशपाल सोलंकी की निगरानी में प्रैक्टिस करती हैं।

तूलिका की कुछ उपलब्धियां....
वर्ष 2019- दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण।
वर्ष 2019- यूएई में आयोजित सीनियर एशियन चैंपियनशिप में सातवीं रैंक।
वर्ष 2019- सीनियर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
वर्ष 2019- ताइवान में आयोजित एशियन ओपन में कांस्य पदक।
वर्ष 2019- नेपाल में आयोजित साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक।
वर्ष 2022- कानपुर में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी जूडो में स्वर्ण।
सीनियर नेशनल जूडो और एशियन जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
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