DDU Gorakhpur
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के आचार्य प्रो. विजय कुमार चहल ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक हासिल करने वाली तूलिका मान ने कभी खिलाड़ी बनने के बारे में सोचा भी नहीं था। छह वर्ष की उम्र में तूलिका घर के पास स्थित एकेडमी में व्यवसायी पिता के साथ मैच देखने जाती थीं। धीरे-धीरे उनकी रुचि खेल में बढ़ी, तो पिता ने प्रशिक्षण के लिए भेजना शुरू किया। बारहवीं पास करने के बाद तूलिका ने पंजाब विश्वविद्यालय की तरफ से खेलना शुरू किया। लेकिन, उन्हें जो मार्गदर्शन चाहिए था वह नहीं मिला।