गोला की घटना के बाद जुटी भीड़।
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पूरी रात शवों के साथ बैठा रहा, मरहम पट्टी की
पुलिस के मुताबिक, कमरे में जहां लाश मिली। वहां डेटॉल की बोतल, कपड़े पड़े थे, जो डेटॉल से भीगे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घाव पर डेटॉल लगाए जाने के प्रमाण मिले है। इससे लगता है कि पत्नी और बच्चों का गला रेतने के बाद इंद्रबहादुर ने उन्हें दवाई और मरहम लगाकर बचाने की भी कोशिश की। पुलिस का मानना है कि सुबह नशा उतरने पर जब उसे होश आया होगा तो अपने किए पर पछताया होगा। कुछ समझ नहीं आया तो उसने आग लगाकर खुदकुशी कर ली।