तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि और बिजली गिरने ने रविवार को कहर बरपाया। बारिश, ओलावृष्टि से किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। खलिहान में रखी गेहूं की फसल भीग गई है। मड़ाई के बाद रखा गेहूं भी भीगा है। अब जिला प्रशासन नुकसान का आकलन करा रहा है ताकि पीड़ितों को मुआवजा दिया जा सके।
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- फोटो : अमर उजाला
उधर गोरखपुर सदर और गोला तहसील क्षेत्र में बिजली से तीन की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए। घायलों का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। सोमवार और मंगलवार को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ सा रहेगा। सोमवार की शाम हल्की बूंदाबांदी हो सकती है लेकिन मंगलवार को 5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है।
रविवार शाम तकरीब साढ़े छह बजे मौसम ने एकाएक करवट लिया। आकाश में काले बादल छा गए। गरज के साथ बिजली चमकती देख किसानों के चेहरे उतर गए। आंधी-पानी, ओलावृष्टि और बिजली ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, ग्रामीण इलाकों में खूब तबाही मचाई। जंगल औराही के शिवम कुमार (10) पुत्र रामरूप और जगदेव (35) पुत्र परदेशी की मौत हो गई।
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इसी तरह जंगल औराही में ही सगे भाई कुंदन और चंदन घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक घायल गोरखपुर में मजदूरी करते हैं। सभी बिहार के नेवादा जिले के रहने वाले हैं। इसी तरह गोला तहसील क्षेत्र महेड़ा शिवपुर गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई। तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी सरयू नदी के पार आजमगढ़ के दियारा में खेत में मड़ाई करने गए थे। लौटते हुए सभी बिजली की चपेट में आ गए।
इसमें शिवगोपाल (33) पुत्र रामनाथ की मौत हो गई। वहीं, अरविंद (33) पुत्र मिठाई, शिवा (21) पुत्र प्रदीप और मोनू (21) पुत्र रामआधार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा जंगल रानी सोहास कुंवरी में जीतन यादव की भैंस की भी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई।
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बारिश के बाद जलजमाव।
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46 किलोमीटर की रफ्तार से चली आंधी, जलभराव
रविवार शाम मौसम ने एकाएक करवट बदल ली। आकाश में काले बादल छा गए। बादलों की गड़गड़हाट के बीच ओले भी गिरे। वहीं हवा 46 किलोमीटर की रफ्तार तक पहुंच गई। इससे शहर के विभिन्न इलाकों में बैनर और होर्डिग उखड़ गए। मात्र आधे घंटे में करीब नौ मिलीमीटर की बारिश से शहर के विभिन्न इलाकों में पानी भर गया।
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आंधी आने के वजह से टूटा होर्डींग।
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पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के मिलने से चली आंधी
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि दरअसल अफगानिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचा था। पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बन गया जो मध्य प्रदेश होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश तक आ पहुंचा इसकी वजह से मौसम ने करवट बदली और तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले पड़े। अगले दो दिन भी बारिश की संभावना है।
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वायुमंडल के ऊपरी बादलों का तापमान माइनस 60 डिग्री होने से आती है आंधी
कैलाश पांडे ने बताया कि बादलों के ऊपरी हिस्से में जब तापमान माइनस 40 डिग्री हो जाता है तो इसकी वजह से आंधी आने की संभावना रहती है। वहीं जब तापमान घटकर -60 से -80 डिग्री तक पहुंच जाता है तब बारिश के साथ ओले भी पढ़ते हैं। रविवार को ऊपरी बादल का तापमान इसी तरह का हो गया था।
80 प्रतिशत ही हो सकी है गेहूं की कटाई, किसानों को होगा नुकसान
इस आंधी पानी से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है, क्योंकि गोरखपुर जिले में 80 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो सकी है। जिला कृषि अधिकारी अरविंद चौधरी ने बताया कि जिले में करीब 1.86 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन अनुमानित है। इसमें 80 प्रतिशत ही गेहूं की कटाई हो सकी है। ऐसे में गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका है।