पुलिस और प्रशासन के अफसरों की लापरवाही और अदूरदर्शिता की खोराबार के ग्राम सभा भैसहां निवासी जगदीश शुक्ला को ऐसी सजा मिली कि मान-सम्मान तो छिना ही, अब पूरा परिवार भुखमरी की दहलीज पर पहुंच गया है। बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की छोटी सी नौकरी भी गंवानी पड़ी तो बदनामी से बड़ी बेटी की तय हुई शादी टूट गई। मुफलिसी ने ऐसा घेरा कि तीनों बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई।
जगदीश शुक्ला को फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में पुलिस ने खोराबार के दूसरे नौ निर्दोषों के साथ छह अक्तूबर को जेल भेज दिया था। करीब 10 दिन जेल में रहने के बाद सभी को जमानत मिली। फिर सभी के शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी मुख्य फाइल भी मिल गई। जिला प्रशासन ने सभी को मूल दस्तावेजों के नकल की सत्यापित कॉपी भी जारी कर दी है। सभी को बेगुनाह साबित होता देख अब पुलिस और प्रशासन एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं।
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भुखमरी की दहलीज पर पहुंच गया जगदीश शुक्ला का पूरा परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि प्रशासनिक अफसरों की रिपोर्ट पर उन्होंने कार्रवाई की और प्रशासन का कहना है कि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बिना पुख्ता जांच के ही कार्रवाई कर दी। इन दोनों महकमों की नूराकुश्ती के बीच पिस रहा गरीब जगदीश का परिवार व अन्य।
जगदीश, बेतियाहाता स्थित यूनियन बैंक में सिक्योरिटी गार्ड हैं। इसी से उनके परिवार का चूल्हा जलता है। बड़ा बेटा विशाल 12वीं, अजय 8वीं और सबसे छोटी बेटी अवंतिका 7वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में जेल भेजे जाते ही जगदीश के पूरे परिवार की जिंदगी का सफर और कठिन हो गया। शस्त्र जब्त हो जाने की वजह से जमानत के बाद भी नौकरी छिन गई। बदनामी हुई तो बड़े बेटे विशाल की शादी टूट गई। लड़की पक्ष ने रिश्ता जोड़ने से इनकार कर दिया। मुफलिसी ने ऐसा घर कर लिया कि तीन महीने से फीस नहीं जमा हो पा रही थी जिससे सभी बच्चों का स्कूल छूट गया।
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- फोटो : अमर उजाला
... और फफक पड़े जगदीश, पत्नी की आंखों से भी छलका आंसू
जगदीश आपबीती बताते हुए कहते हैं कि प्रशासन की ना समझी से सही होते हुए भी उन्हें जेल जाना पड़ा। पूरी जिंदगी तबाह हो गई। बदनामी का दाग कब धुलेगा, पता नहीं। नौकरी छूट गई। किसी तरह परिवार की गाड़ी खींच रहा हूँ। एक- एक दिन पहाड़ के समान गुजर रहा है। ऐसा बुरा वक्त जीवन में कभी नहीं आया था। इतना कहते-कहते जगदीश खामोश हो गए।
थोड़ी देर बाद गहरी सांस भरी और फिर भर्राई आवाज में बोले पत्नी जब कहती हैं कि - घबराइये नहीं मैं किसी के वहां चौका-बर्तन करके परिवार का भरण-पोषण करूंगी तो कलेजा फट जाता हैं, इतना बोलते ही जगदीश फफक पड़े। पास बैठी पत्नी की भी आंखों में आंसू आ गए, मगर साड़ी के पल्लू से आंसुओं को छुपाते हुए उन्होंने जगदीश को संभाला और बोलीं सब ठीक हो जाएगा।
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तीन मेयर की सुरक्षा में भी तैनात रहे हैं जगदीश
जगदीश, यूनियन बैंक में तैनात रहने के पूर्व तत्कालीन मेयर व वर्तमान में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, डॉ सत्या पांडेय, अमरनाथ उर्फ आशा देवी की सुरक्षा के साथ ही नगर निगम और जीडीए में भी सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर तैनात रह चुके हैं।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस: जेल भेजे गए बेगुनाह एडीजी से मिले
फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में खोराबार इलाके से छह अक्तूबर 2019 को जेल भेजे गए लोगों ने बुधवार को एडीजी/आईजी रेंज जयनारायण सिंह से मुलाकात की। लोगों ने कहा कि उनका लाइसेंस वैध था फिर भी उन्हें बिना पूरी जांच के ही जेल भेज दिया गया। बाद में प्रशासनिक जांच में उनके लाइसेंस सही पाए गए हैं। लाइसेंस की मूल प्रति पुलिस के पास भी मौजूद है। लोगों ने गुहार लगाई की उनके शस्त्र को जल्द से जल्द दिया जाए और आर्म्स एक्ट के मुकदमें में अंतिम रिपोर्ट लगाकर राहत दी जाए।
इससे पहले बीते शुक्रवार को लोगों ने एडीजी जोन दावा शेरपा से भी मुलाकात कर गुहार लगाई थी। शिकायती पत्र में लोगों ने कहा कि 5 अक्टूबर 2019 को फोन करके असलहे के साथ थाने पर बुलाया गया तथा लाइसेंस की वैधता की बिना जांच कराए उसे फर्जी बताकर आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया गया।
जमानत पर रिहा होने के बाद जिलाधिकारी कार्यालय से लोगों ने पत्रावलियों की सत्य प्रतिलिपि प्राप्त कर एसएसपी को दी। जिसके बाद आश्वासन दिया गया कि आर्म्स एक्ट का मुकदमा समाप्त हो जाएगा और फाइनल रिर्पोट लगा दी जाएगी। असलहा वापस कर दिया जाएगा। परंतु अभी तक ऐसा हुआ नहीं। जबकि धारा 91 के तहत जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर से शस्त्र लाइसेंस रजिस्टर की सत्यापित प्रति एवं पुलिस की रिपोर्ट की सत्यापित आख्या प्राप्त कर ली गई है।
एक पीड़ित असलहाधारी रामनयन का कहना है, कि उनके पुत्र की हत्या 2010 मे हो चुकी है। जिसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। विरोधी शस्त्र न होने का अनुचित लाभ उठा सकते है। एडीजी से मिलने वाले लोगों मेें रामनेवास, रामहित यादव, कासिम, विनोद, जगदीश शुक्ल, विजय प्रताप और रामअशीष सहित अन्य लोग मौजूद थे